सावन माह की कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं।
शनिवार को पिलखुवा स्थित सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में जिलाधिकारी कविता मीना और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह की अध्यक्षता में मजिस्ट्रेट एवं जोनल मजिस्ट्रेटों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट लगातार भ्रमणशील रहेंगे
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नियुक्त मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहेंगे। प्रत्येक अधिकारी को ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन हर समय चालू रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संपर्क स्थापित किया जा सके।
कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। अस्पतालों में कांवड़ियों के लिए विशेष वार्ड बनाए जाएं। पर्याप्त दवाओं का स्टॉक उपलब्ध रहे, एंबुलेंस 24 घंटे तैयार रहें और चिकित्सकों की निरंतर ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
विशेष सतर्कता बरती जाए
इसके अलावा कांवड़ मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर प्राथमिक चिकित्सा शिविर स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। भीड़ वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। रूट डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था पहले से तय कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कांवड़ मार्ग पर पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालय और टेंट की व्यवस्था समय से पूरी कर ली जाए। मार्ग की नियमित सफाई कराई जाए और कूड़ा निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे यात्रा मार्ग स्वच्छ और सुरक्षित बना रहे।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है। इसे सकुशल संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय रहे और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, सभी उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

