नोएडा सेक्टर-94 स्थित एनसीआर की सबसे ऊंची इमारत सुपरनोवा में गंगाजल का कनेक्शन नहीं हैं। बिल्डर ने बिल नहीं दिया। प्राधिकरण ने पानी का कनेक्शन बंद कर दिया। पानी का बिल यहां 42 लाख रुपये था।
एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) भुगतान करने पहुंची तो ब्याज समेत 72 लाख रुपये का बिल बताया गया। 450 परिवार यहां भूजल पर निर्भर हैं।
बता दें बीते वर्ष सुपरनोवा सोसायटी का हैंडओवर एओए को हुआ। बिल्डर ने पानी का बिल जमा नहीं किया। प्राधिकरण ने पानी का कनेक्शन काट दिया। 450 परिवारों की निर्भरता भूजल पर है।
हाई टीडीएस वाले पानी की हो रही सप्लाई
हाई टीडीएस पानी की आपूर्ति सोसायटी में भूजल हो रही है। एनसीएलएटी (नेशनल कंपनी ला एपीलेट ट्रिब्यूनल) के आदेश पर यह सोसायटी एओए को हैंडओवर हुई थी।
फंड की कमी से जूझती एओए पानी का बिल जमा नहीं कर सकी है। बिल्डर की लापरवाही का भारी-भरकम आर्थिक बोझ अब सीधे तौर पर यहां रहने के निवासियों के कंधों पर आ गिरा है।
गंगाजल आपूर्ति बंद होने की वजह से दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भूजल ही सहारा है। भूजल उपयोगिता एनजीटी नियमों का उल्लंघन है, लेकिन यह यहां के निवासियों की उपयोगिता बन गया है।
प्रतिदिन 1.62 लाख लीटर भूजल का दोहन
सोसायटी में 1200 परिवार रहते हैं। प्रति व्यक्ति के लिए प्रतिदिन 135 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। यह उपलब्धता भूजल से ही पूरी की जाती है।
मार्च में संभाली थी व्यवस्था
एनसीएलएटी के आदेश के बाद मार्च 2025 में एओए ने यहां बिल्डर से सुविधाओं का हैंडओवर लिया। बिल्डर ने यहां पूर्व से ही पानी बिल जमा नहीं किया। बकाए की रकम अब ब्याज के साथ 30 लाख रुपये बढ़ गई है।
हम बिल देने के लिए तैयार हैं। प्राधिकरण से बात की गई तो ब्याज अधिक लगाया जा रहा है। हम बिल में छूट चाहते हैं। गंगाजल हम सभी की जरूरत है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

