बाढ़ प्रभावितों की मदद को आगे आया एसएन मोहंती समूह, मुख्यमंत्री राहत कोष को दिए 1 करोड़ रुपये

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ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए उद्योग जगत भी आगे आ रहा है। इसी कड़ी में एसएन मोहंती समूह ने मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) में एक करोड़ रुपये का योगदान देकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों में अपना सहयोग दिया है।मूह के चेयरमैन प्रबोध मोहांती ने लोक सेवा भवन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से मुलाकात कर उन्हें एक करोड़ रुपये का चेक सौंपा। इस अवसर पर राज्य में बाढ़ प्रभावि

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए एसएन मोहंती समूह के इस सहयोग की सराहना की। सीएमओ ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में निजी क्षेत्र और उद्योग समूहों की भागीदारी राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यहां उल्लेखनीय की एस एन मोहांती समूह के चेयरमैन प्रबोध मोहांती, उत्कल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के भी अध्यक्ष हैं और नियमित रूप से समाज सेवा के साथ किसी प्रकार की आपदा की घड़ी में सरकार एवं लोगों के साथ खड़े रहते हैं।

बाढ़ से बेहाल है ओडिशा

गौरतलब है कि हाल के दिनों में बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई गांवों और कस्बों में लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है तथा खेती-किसानी और दैनिक रोजगार पर भी असर पड़ा है।

राज्य सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाने, खाद्य सामग्री, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी जरूरतमंद परिवारों को सहायता प्रदान की जाती है।

एसएन मोहंती समूह द्वारा दिया गया यह एक करोड़ रुपये का योगदान बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने, पुनर्वास कार्यों को गति देने तथा आपदा से उबरने में राज्य सरकार के प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगा।

सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समूह की यह पहल न केवल प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि अन्य संस्थानों और उद्योग समूहों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण मानी जा रही है।

आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में सरकार, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और उद्योग जगत के संयुक्त प्रयासों से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है।

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