सिंगरौली। शहर के मुख्य स्टेडियम के समीप संचालित ‘कृष्णा फास्ट फूड सेंटर’ इन दिनों गंभीर आरोपों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर चर्चा में है। स्थानीय नागरिकों ने दुकान में स्वच्छता मानकों की अनदेखी के साथ-साथ व्यावसायिक उपयोग के लिए कथित तौर पर घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं हुई तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

व्यावसायिक प्रतिष्ठान में घरेलू सिलेंडर के उपयोग का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, फास्ट फूड सेंटर में कमर्शियल गैस सिलेंडर के बजाय घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है। नियमों के तहत घरेलू गैस सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित होते हैं, जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग किया जाना चाहिए। नागरिकों का कहना है कि स्टेडियम के पास प्रतिदिन बड़ी संख्या में खिलाड़ी, युवा और बच्चे पहुंचते हैं। ऐसे में यदि व्यावसायिक गतिविधियों में घरेलू सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है, तो यह सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय है और किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकता है।
देवसर की घटना के बाद बढ़ी चिंता
हाल ही में देवसर क्षेत्र में आग लगने की एक बड़ी घटना सामने आई थी, जिसमें कई दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद हुई जांच में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडर के उपयोग की बात सामने आने की चर्चा रही थी। इस घटना ने घरेलू सिलेंडर के व्यवसायिक उपयोग से जुड़े खतरों को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। यदि नियमों की अनदेखी कर घरेलू सिलेंडरों का उपयोग किया जाता रहा, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। लोगों का कहना है कि प्रशासन को समय-समय पर जांच अभियान चलाकर ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।
गंदगी के बीच तैयार हो रहा खाद्य पदार्थ
स्थानीय लोगों ने दुकान की स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि दुकान के आसपास गंदगी फैली रहती है और खाद्य सामग्री अस्वच्छ वातावरण में तैयार की जाती है। खुले में रखे सामान और साफ-सफाई की कमी ग्राहकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। सार्वजनिक स्थान के पास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाना चाहिए।
खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जांच में घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग और अन्य नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।


