जूते की दुकान बनी जासूसी का ठिकाना! लुधियाना में सैन्य वाहनों पर नजर रखने वाले नेटवर्क के दो और जासूस गिरफ्तार
पाकिस्तान के इशारे पर चलाए जा रहे कथित जासूसी नेटवर्क की जांच में काउंटर इंटेलिजेंस इकाई को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि नेटवर्क से जुड़े एक दुकानदार ने अवैध निगरानी कैमरे लगाकर सैन्य वाहनों की आवाजाही की लाइव तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे संचालकों तक पहुंचाई थीं।
दुकान की आड़ में चल रहा था कथित नेटवर्क
पुलिस को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी। टीम ने सादे कपड़ों में इलाके में निगरानी बढ़ाकर जाल बिछाया। जैसे ही दोनों युवक कैमरों और उनकी व्यवस्था की जांच करने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अमृतसर निवासी रोहित और वरिंदर मसीह के रूप में हुई है।
आरोपियों से पूछताछ शुरू
पुलिस के मुताबिक, दुकान के बाहर ऐसे ऐप आधारित कैमरे लगाए गए थे, जिनका रुख सड़क की ओर था। इन कैमरों के जरिए सैन्य वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। सैन्य प्रतिष्ठानों और पुलों की तस्वीरें भी पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों तक भेजे जाने का आरोप है।
गिरफ्तार दोनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पाकिस्तान में बैठे कथित संचालकों से इनके संपर्क किस माध्यम से होते थे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

