न केवल जिला वरन पूरे देश के 20 से 25 वर्ष के युवा तेजी से गर्दन और पीठ दर्द की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। इसकी मूल वजह खराब जीवनशैली, मोबाइल और लैपटॉप का अधिक इस्तेमाल तथा गलत बैठने की आदत है।
इस वजह से युवाओं में सर्वाइकल और मांसपेशियों से जुड़ी परेशानियां बढ़ रही हैं। जिले के युवाओं के लिए राहत की बात यह है कि अब सदर अस्पताल में मुफ्त फिजियोथेरेपी सुविधा मिल रही है। जहां वे इस दर्द से राहत पा सकते हैं।
हाल में बढ़ी सर्वाइकल की समस्या
समस्तीपुर के सदर अस्पताल में स्थित फिजियोथेरेपी सेंटर में आने वाले मरीजों के आंकड़ों को देखें तो सबसे अधिक शिकायत गर्दन, पीठ दर्द और सर्वाइकल की मिल रही है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान यहां 8436 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें करीब 70 प्रतिशत युवा यहां इलाज कराने पहुंचे।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार एक साल में 3748 महिला और 4688 पुरुष मरीजों ने फिजियोथेरेपी कराई। इसके बाद गठिया और कंधा-बांह जकड़न के मरीजों की संख्या अधिक रही।
गलत ढंग से बैठने से परेशानी
युवाओं में बढ़ रही परेशानी के बारे में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. गौरव कुमार ने कहा कि आज लोग घंटों मोबाइल और लैपटॉप के सामने झुककर बैठते हैं। इससे गर्दन और कमर पर दबाव बढ़ता है। आरंभ में यह सामान्य दर्द जैसा ही महसूस होता है, लेकिन बाद में परेशानी बढ़ने लगती है। सर्वाइकल जैसी गंभीर समस्या बन जाती है।
उन्होंने कहा कि पहले यह समस्या अधिक उम्र के लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन तेजी से बदल रही दुनिया और कार्यशैली में बदलाव की वजह से अब 20 से 25 वर्ष के युवाओं में भी इसकी शिकायत तेजी से बढ़ रही है। यदि इस परेशानी से बचना है तो सही पॉश्चर और नियमित व्यायाम को अपनाना ही होगा।
मुफ्त इलाज से मरीजों को राहत
सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों को बिना किसी शुल्क के फिजियोथेरेपी की सुविधा दी जा रही है। यहां एक्सरसाइज कराने के साथ ही साथ इलेक्ट्रोथेरेपी, मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग और आधुनिक तकनीकों से उपचार किया जाता है। एक मरीज की थेरेपी में करीब 30 से 40 मिनट का समय लगता है।
यहां इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने बताया कि यदि वे निजी क्लीनिक जाते हैं तो उनसे एक सत्र के लिए 400 से 500 रुपये लिए जाते हैं। वही सुविधा और कुछ मामलों में तो उससे बेहतर सुविधा सदर अस्पताल में मुफ्त मिल रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को काफी राहत मिली है।
आधुनिक उपकरणों की संख्या बढ़ी
फिजियोथेरेपी सेंटर में अब आर्थो के मरीजों के अलावा न्यूरो और कार्डियोलॉजी से जुड़े मरीजों का भी इलाज किया जा रहा है। इसको देखते हुए अस्पताल में स्टेटस साइकिल, शॉर्ट वे डायथर्मी, आईएफटी, पैरलल बार, इंफ्रारेड लैंप, सर्वाइकल ट्रैक्शन और फुट-हैंड एक्सरसाइज मशीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इस संबंध में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि फिजियोथेरेपी दर्द और जकड़न कम करने के साथ शरीर की गतिशीलता बढ़ाने में मदद करती है। इससे मरीजों को बिना दवा के भी राहत मिल रही है।
उन्होंने मरीजों को यहां आकर इलाज कराने के बाद नियमित रूप से व्यायाम करने तथा विशेषज्ञ की ओर से बताए गए सुझावों पर अमल करने की सलाह दी है।


