हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में भारी वर्षा से राहत के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। प्रदेश में कल से मौसम कड़े तेवर दिखाएगा। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से तीन सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। राज्य मौसम केंद्र शिमला की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में 31 अगस्त से 3 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग स्थानों पर फिर से भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। 29 और 30 अगस्त यानी आज और कल मौसम में हल्की हलचल रहेगी, लेकिन 3 सितंबर तक राज्य के कई इलाकों में तेज व भारी वर्षा होगी।
मानसून ट्रफ और उत्तर पाकिस्तान व पंजाब के ऊपर बने चक्रवातीय संचार यानि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
68 सड़कें ठप
29 अगस्त की सुबह तक ही प्रदेश में 68 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिनमें मंडी (28), कुल्लू (16) और कांगड़ा (7) सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। वर्षा बढ़ने से मार्ग और भी बाधित हो सकते हैं। वर्तमान में 7 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप पड़े हैं जिनमें अकेले सिरमौर के 5 शामिल हैं)। भारी बारिश से बिजली आपूर्ति और जल योजनाओं पर बुरा असर पड़ने की पूरी आशंका है।
तापमान में बढ़ोतरी दर्ज
बीते 24 घंटों में अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। वर्षा की गतिविधियों के बढ़ने से तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
मानसून से 1183 करोड़ से अधिक का नुकसान, 249 मौतें
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की संचयी रिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 28 अगस्त तक मानसून सीजन में हिमाचल को अब तक लगभग 1,183.88 करोड़ रुपये) का भारी नुकसान हो चुका है। विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं (भूस्खलन, डूबने, सांप के काटने, ऊंचाई से गिरने आदि) से 103 लोगों की मौत हुई है। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटनाओं में 146 लोगों ने जान गंवाई है, जिससे कुल मौतों का आंकड़ा 249 पहुंच गया है।
500 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश भर में 401 पक्के घर, 135 कच्चे घर और 996 गौशालाएं पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को 897.58 करोड़ और जल शक्ति विभाग को 258.610 करोड़ का नुकसान हुआ है।
प्रशासन की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने पर्यटकों व स्थानीय निवासियों को नदी-नालों से दूर रहने और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने से बचने की सलाह दी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

