छात्राओं का वोट बदल सकता है PU की राजनीति का रूख, समर्थन हासिल करना संगठनों के लिए चुनौती

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 पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में इस बार छात्राओं का वोट चुनावी गणित बदल सकता है। जारी मतदाता सूची के आंकड़ों में छात्राओं की संख्या छात्रों से 1,533 अधिक है।

कुल 16,468 मतदाताओं में 9,000 छात्राएं और 7,467 छात्र शामिल हैं। एक ट्रांसजेंडर मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेगा। ऐसे में छात्रसंघ चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के लिए छात्राओं का समर्थन हासिल करना अहम चुनौती होगी। 31 अगस्त होने वाले मतदान के लिए 191 बूथ बनाएं गए है।

कुल मतदाताओं में करीब 55 प्रतिशत हिस्सेदारी छात्राओं की है। वहीं छात्रों की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है। यही वजह है कि छात्र संगठनों और प्रत्याशियों की नजर महिला मतदाताओं पर रहेगी। चुनाव प्रचार के दौरान छात्राओं से जुड़े मुद्दे और उनकी प्राथमिकताएं भी प्रत्याशियों के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल हो सकती हैं

कई विभागों में छात्राओं का पलड़ा भारी

विभागवार आंकड़ों में भी छात्राओं की मजबूत स्थिति सामने आई है। डेंटल साइंस विभाग में 382 छात्राएं मतदाता हैं, जबकि छात्रों की संख्या 108 है। यानी यहां छात्राओं की संख्या छात्रों से तीन गुना से अधिक है। यूआईएलएस में 1,190 छात्राओं

यूआईईटी में सबसे ज्यादा 2,670 मतदाता

कुल मतदाताओं की संख्या के लिहाज से यूआइईटी सबसे बड़ा मतदान केंद्र क्षेत्र रहेगा। यहां 2,670 विद्यार्थी मतदान के लिए पात्र हैं और इनके लिए 24 बूथ बनाए गए हैं। यूआईएलएस में 1,950 मतदाताओं के लिए 16 बूथ निर्धारित किए गए हैं।

ला विभाग में 1,064 मतदाता हैं और यहां नौ बूथ बनाए जाएंगे। यूआईएएमएस में 646 और केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 643 मतदाता दर्ज हैं।

191 बूथों पर होगा मतदान

छात्रसंघ चुनाव के लिए पीयू के विभिन्न विभागों में कुल 191 बूथ बनाए गए हैं। विभागवार मतदाताओं की संख्या के आधार पर मतदान केंद्रों का निर्धारण किया गया है।

बड़ी संख्या में छात्राओं के मतदाता होने से चुनावी मुकाबले में महिला वोट निर्णायक भूमिका निभा सकता है। प्रत्याशियों के लिए छात्राओं तक पहुंच बनाना और उन्हें अपने पक्ष में मतदान के लिए तैयार करना चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा रहने की संभावना है।

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