हजारीबाग के 1330 स्कूलों में मध्याह्न भोजन पर संकट, अप्रैल से नहीं मिली राशि; उधारी पर चल रही व्यवस्था
जिले के कुल 1330 प्राथमिक (882) और मध्य विद्यालयों (448) में मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) पर गहरा संकट मंडरा रहा है। विगत अप्रैल माह से ही मध्याह्न भोजन योजना मद की राशि स्कूलों के खातों में नहीं भेजी गई है। इस कारण हरी सब्जियां, दाल, मसाले और रसोई गैस सिलेंडर की खरीदारी ठप होने के कगार पर पहुंच गई है।
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि 130-140 बच्चों की उपस्थिति वाले स्कूल में महीने में तीन से चार सिलेंडर लगते हैं, जिनका भुगतान नकद करना पड़ता है। आखिर हम वेतन से अपना परिवार चलाएं या स्कूल।
कार्रवाई के डर और मेन्यू में कटौती के बीच पीसते प्रभारी
विभागीय प्रावधानों के मुताबिक, मध्याह्न भोजन मद में कक्षा एक से पांच के लिए 6.78 रुपये और कक्षा छह से आठ के लिए 10.17 रुपये प्रति विद्यार्थी निर्धारित है। जबकि शिक्षकों का कहना है कि कई विद्यालयों में मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है।
इसके बावजूद चार माह से राशि नहीं मिलने पर भी विद्यालयों में भोजन का संचालन जारी रखना बड़ी बात है। यहां तो पांच महीने से पूरी योजना उधारी पर चल रही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि व्यवस्था में किसी भी गड़बड़ी पर विभागीय गाज विद्यालय प्रभारियों पर ही गिरती है। यदि जल्द फंड जारी नहीं हुआ तो बच्चों का निवाला बंद होना तय है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

