जम्मू-कश्मीर को रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी ने भारतीय टीम में सेलेक्ट होने के बाद अपने मन की बात बयां की।
2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने आकिब नबी ने उम्मीद जताई थी कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि भारतीय टीम में जगह मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए नबी को नजरअंदाज किया गया। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ शुरुआती स्क्वाड में नबी का नाम नदारद था।
उम्मीद कभी नहीं हारी
नबी को जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने पर श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिली। नबी शानदार फॉर्म के साथ टीम इंडिया में आए हैं। उन्होंने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजन में कुल 104 विकेट झटके, जिसमें से 60 विकेट 2025-26 सीजन में लिए।
इसके अलावा नबी भारत ए के साथ श्रीलंका का दौरा कर चुके हैं, जहां उन्होंने दो प्रथम श्रेणी मुकाबलों में छह विकेट झटके। नबी ने शुरुआती समय में भारतीय टीम में नहीं चुने जाने पर कहा, ‘हां मुझे सेलेक्शन की उम्मीद थी। मगर क्रिकेटर होने के नाते आपकी मानसिकता बन जाती है कि आपका काम प्रदर्शन करना है। बाकी लोग आपको देखेंगे। मुझे लगा था कि राष्ट्रीय टीम से फोन आएगा।’
कड़ी मेहनत का फल मिला
नबी ने सारांश जैन के साथ बातचीत में यह बातें बयां की। बीसीसीआई ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। तेज गेंदबाज ने कहा, ‘आज नहीं तो कल, मैं भारतीय टीम से जुड़ता क्योंकि कई सालों से बेहतर प्रदर्शन करते आ रहा हूं। आपको कड़ी मेहनत का फल जरूर मिलता है। गेंदबाजी करते समय मेरी मानसिकता वैसी ही रहती है। मेरा काम विकेट लेना है और बाकी सब ऊपर वाले के हाथ में हैं।’
परिवार खुश हुआ
29 साल के आकिब नबी ने कहा, ‘जब मुझे फोन आया तो बहुत अच्छा महसूस हुआ। मेरा परिवार खुश हुआ। मैं इससे ज्यादा नहीं मांग सकता।’ बता दें कि नबी का पहली बार भारतीय टीम में चयन हुआ। अगर वो टेस्ट डेब्यू करते हैं तो जम्मू-कश्मीर के पहले टेस्ट खिलाड़ी बन जाएंगे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

