परिषदीय विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। भवन हैं, छात्र हैं और बच्चों के बैग में किताबें हैं, पर उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षकों का टोटा है। प्राइमरी और जूनियर के 24 विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे हैं, जबकि दो प्राथमिक विद्यालय मर्जर के बाद से बंद हैं। दो पूर्व माध्यमिक स्कूल में शिक्षक ही नहीं है।
यहां के 162 परिषदीय विद्यालयों में 419 शिक्षकों की तैनाती है। प्राइमरी में पांच और जूनियर में छह से आठ तक तीन कक्षाएं हैं। इन कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं है। 10 जूनियर विद्यालय ऐसे हैं, जहां के तीनों कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा एक शिक्षक पर है। दो विद्यालय कोटवा व कोटवाधाम ऐसे हैं, जहां शिक्षक ही नहीं हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

