परिसीमन बिल पर NCP के बाद DMK के भी बदले सुर, NDA को समर्थन के दिए संकेत

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सरकार लोकसभा में सीटें बढ़ाने और 2029 से महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए संविधान संसोधन बिल पास कराने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की पूरी कोशिश कर रही है। अब इस दिशा में सरकार को एक अहम कामयाबी मिल सकती है।

22 सदस्यों वाली DMK ने कहा कि अगर सरकार यह गारंटी दे कि परिसीमन से तमिलनाडु और दूसरे दक्षिणी राज्यों के हितों को नुकसान नहीं होगा और राज्यों का हिस्सा पहले ही साफ कर दिया जाए, तो वह बातचीत के लिए तैयार है।

DMK के एक सीनियर नेता ने कहा, सरकार को हर राज्य का पक्का हिस्सा बताना चाहिए। इससे दक्षिणी राज्यों को नुकसान होने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। यही बातचीत का आधार बन सकता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार से अभी कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, पहले भी कहा था कि अगर पक्की गारंटी मिले कि भेदभाव नहीं होगा, तो हम रुख बदल सकते हैं।

DMK के इस नरम रुख से NDA को उम्मीद जगी है। कुछ ही दिन पहले NCP (शरद पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने भी कहा था कि अगर हर राज्य की लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत की एक समान बढ़ोतरी हो, तो उनकी पार्टी बिल का विरोध नहीं करेगी।

अप्रैल में इस बिल को लोकसभा में 298 सांसदों का समर्थन मिला था. अब सरकार DMK के 22 सांसदों और NCP (शरद पवार) के 8 सांसदों के साथ-साथ TMC और शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों को भी मनाने की कोशिश करोगी।

वहीं सरकार बिल के ड्राफ्ट में कुछ बदलाव कर सकती है। इसमें गृह मंत्री अमित शाह का वो बयान लिखित रूप से जोड़ा जा सकता है, जिसमें कहा गया था कि हर राज्य में सीटें 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएंगी। इससे उन सांसदों को भरोसा दिलाया जा सके जो अभी तय नहीं कर पाए हैं।

राज्यसभा में भी एक सरकार के पास पहले से ही मजबूत संख्या बल है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि संख्या पक्की होते ही बिल फिर से पेश किया जाएगा।

गौरतलब है कि 16 अप्रैल को DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने एक प्रदर्शन में परिसीमन बिल की कॉपी जलाई थी। लेकिन जब पार्टी का लहजा बदला हुआ दिख रहा है। वहीं DMK ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। पार्टी सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस ने INDIA गठबंधन को बर्बाद कर दिया। हमारे समर्थन से 5 सीटें जीतने के बाद उन्होंने TVK से हाथ मिला लिया। अब उन्हें हमें उपदेश नहीं देना चाहिए।

DMK ने साफ किया इस बार वह कांग्रेस के रुख का इंतजार नहीं करेगी और अपने फैसले खुद लेगी। संविधान संशोधन बिल के पास होने से लोकसभा में सीटें बढ़ेंगी और 2029 से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

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