जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रिक्त पड़े आशा और आशा फैसिलिटेटर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज होगी।
राज्य स्वास्थ्य समिति ने चयन में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए सिविल सर्जन को दो माह के भीतर शत-प्रतिशत रिक्त पदों को भरने का सख्त निर्देश दिया है।
तय समय-सीमा में चयन प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति में संबंधित सिविल सर्जन की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
आश्विन पोर्टल समीक्षा
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार आश्विन पोर्टल पर पांच अगस्त तक के आंकड़ों में जिले की प्रगति काफी धीमी पाई गई।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले में ग्रामीण आशा, शहरी आशा और आशा फैसिलिटेटर के कुल 997 पद रिक्त पड़े हैं। स्वास्थ्य समिति ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इन रिक्त पदों को भरने में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

