विधायक के बाद अब अफ़सर निशाने पर: बेटे को रेप केस में फंसाने की धमकी देकर मांगे ₹50 हजार, AI से निकाली आवाज

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क्षेत्र में साइबर ठगों ने विधायक को धमकाने के बाद अब अधिकारियों व कर्मचारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। डिप्टी सीवीओ से बेटे को बचाने के लिए पुलिस अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने 50,000 रुपये की धनराशि मांगी। एक अन्य कर्मचारी से 15,000 रुपये भेजने की मांग की।

बीसलपुर में तैनात डिप्टी सीवीओ डाॅ. योगेंद्र कुमार के मोबाइल पर 92 सीरीज (पाकिस्तान का कंट्री कोड) के एक अज्ञात नंबर से काॅल आई। काॅल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि डाॅक्टर के बेटे को दुष्कर्म के मामले में पकड़ा गया है। चिकित्सक को जब विश्वास नहीं हुआ तो दूसरी ओर से बेटे की आवाज में उनसे छुड़ा लेने का आग्रह किया गया।

साइबर ठगों की चाल को वह भांप गए। उन्होंने काॅल रिकार्डिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी की कड़क आवाज में कहा गया कि मामले को तुरंत दबाने और रफा-दफा करना चाहते हो तो तुरंत ऑनलाइन 50,000 रुपये भेजो। डाॅ. योगेंद्र ने साइबर ठगों से उनका पता पूछा और नकद धनराशि लेकर आने की बात कही तो उन्होंने पता बताने से इन्कार कर दिया।

काॅल के दौरान आरोपित ने उन्हें बुरी तरह डराने और मानसिक रूप से परेशान करने की भी कोशिश की। उन्होंने ठग की बातों में न आकर कोई भी रकम ट्रांसफर नहीं की और संबंधित काॅल का विवरण और वीडियो साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रख लिया है।

मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी गई है। यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। डाॅ. योगेंद्र ने बताया कि एआई के माध्यम से साइबर ठगों ने उनके बेटे की आवाज निकाल कर पुलिस का स्टडी में होने का नाटक किया था।

नगर के रामदुलारी श्यामसुंदर इंटर काॅलेज के कर्मचारी राजेश कुमार के पास भी रायगढ़ साइबर ठग ने 15000 ऑनलाइन उनके खाते में भेजे जाने का मैसेज भेजा। उन्होंने जब अकाउंट चेक किया तो उसमें कोई भी धनराशि नहीं आई थी। साइबर ठग ने अपने खाते में 15000 भेजने के लिए धमकाया।

प्रभारी निरीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि यदि आपके पास पुलिस, सीबीआई, साइबर सेल या किसी अन्य सरकारी अधिकारी के नाम पर कोई काॅल आए और किसी परिजन पर केस दर्ज होने का डर दिखाकर पैसे मांगे जाएं, तो बिल्कुल न घबराएं।

बिना किसी हड़बड़ी के पहले परिजनों और संबंधित विभाग से जानकारी की पुष्टि करें। किसी भी स्थिति में अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें। ऐसे मामले में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। (जागरण प्रसारित वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।)

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