बेंगलुरु का ट्रैफिक जाम वैसे ही बदनाम है, लेकिन जब इसमें किसी वीआईपी काफिले के लिए बंद की गई सड़क का तड़का लग जाए, तो आम जनता की मुश्किलें दोगुनी हो जाती हैं। भारत की इस सिलिकॉन वैली में फंसे एक परेशान नागरिक ने इस वीआईपी संस्कृति के खिलाफ विरोध जताने के लिए गांधीवादी तरीका अपनाया।
अपनी गर्भवती पत्नी के साथ यात्रा कर रहे इस व्यक्ति का धैर्य तब जवाब दे गया, जब कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के काफिले को निकालने के लिए ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर ट्रैफिक को काफी देर तक रोक दिया गया।
गुस्से और लाचारी में वह शख्स अपनी गाड़ी से उतरा और सीधे सड़क के बीचों-बीच बैठ गया। सड़क से हटने से साफ इनकार करते हुए इस अनजान शख्स का तर्क था कि एक आम नागरिक के समय की कीमत भी किसी राजनेता के समय जितनी ही महत्वपूर्ण है।


