गुजरात को राष्ट्रीय सम्मान: दिव्यांग बस पास अब डिजिलॉकर से जुड़े, एसटी बसों में मिलेगी बिना फिजिकल पास के मुफ्त यात्रा

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गुजरात सरकार ने ई-गवर्नेंस और नागरिक सुविधाओं की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्य के सभी ‘दिव्यांग बस पास’ को ‘डिजिलॉकर’ (DigiLocker) ऐप से जोड़ दिया है। इस अभिनव और नागरिक-केंद्रित डिजिटल पहल के लिए गुजरात को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर ‘एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस’ (Excellence in Citizen-Centric Digital Governance) अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

अब मोबाइल में रखा पास ही होगा मान्य

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम (SeMT) के सहयोग से शुरू की गई इस सुविधा के बाद, अब दिव्यांगजनों को गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) की बसों में सफर करते समय अपना मूल (फिजिकल) पास साथ रखने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल के डिजिलॉकर ऐप में सुरक्षित पास बस कंडक्टर को दिखाकर मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकते हैं। इससे पास के खोने या क्षतिग्रस्त होने की चिंता हमेशा के लिए खत्म हो गई है।

डिजिटल इंडिया और ‘ईज ऑफ लिविंग’ का साकार विजन

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन को प्रत्यक्ष रूप से साकार करता है। इसका उद्देश्य टेक्नोलॉजी के माध्यम से शासन को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। यह पहल सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल रूप से वितरित कर नागरिकों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) को बढ़ावा दे रही है।

4.42 लाख लाभार्थियों को सीधा फायदा

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने इस अवसर पर बताया कि विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले ये पास एक आधिकारिक दिव्यांगता पहचान पत्र के रूप में भी काम करते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि:

वहीं, विभाग के सचिव हर्षद पटेल (IAS) ने कहा कि यह प्रणाली ‘पेपरलेस गवर्नेंस’ की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे दिव्यांगजन कहीं भी और कभी भी अपना पास एक्सेस कर सकते हैं।

अतिरिक्त लाभ: 4 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर

एसटी बसों में मुफ्त यात्रा के अलावा, गुजरात सरकार दिव्यांग बस पास धारकों को एक बड़ी आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करती है:

  • पास धारक को 4 लाख रुपए का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवच मिलता है।

  • किसी भी दुर्घटना में पास धारक की मृत्यु होने पर, उसका नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी संबंधित विभाग में निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करके इस बीमा राशि का दावा कर सकता है।

कब मिला सम्मान?

मई 2026 में ‘राज्यों के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचा मजबूत करना’ विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला के दौरान, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (NeGD) ने सार्वजनिक सेवाओं में डिजिलॉकर के बड़े पैमाने पर सफल उपयोग के लिए गुजरात राज्य को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।

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