लगातार वर्षा और सड़कों पर जगह-जगह जल भराव के बीच भी शिवभक्तों की कांवड़ यात्रा कदम-दर-कदम आगे बढ़ती रही। कांवड़ मेला के आठवें दिन हरिद्वार में श्रद्धा का हुजूम उमड़ा।
भीगते वस्त्र, कंधों पर सजी कांवड़ और होंठों पर जय भोले, हर-हर महादेव, बोल बम व नमः शिवाय के जयघोष के साथ 39.15 लाख शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़े।
धर्मनगरी हरिद्वार में बुधवार शाम से शुरू हुई वर्षा गुरुवार पूरे दिन जारी रही। कांवड़ पटरी मार्ग, सर्विस रोड और कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया। कई स्थानों पर कीचड़ भी जमा हो गया, जिससे यात्रा चुनौतीपूर्ण हो गई। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कहीं कोई कमी नहीं दिखी।
बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी वर्षा की परवाह किए बिना अपनी कांवड़ को सुरक्षित संभाले आगे बढ़ते रहे। किसी के चेहरे पर थकान या शिकायत नहीं दिखी। बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा दिखी।
मेला कंट्रोल रूम में स्थापित पुलिस कंट्रोल रूम के अनुसार गुरुवार शाम छह बजे तक 39 लाख 15 हजार शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।
वहीं, कांवड़ यात्रा शुरू होने से अब तक 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार श्रद्धालु गंगाजल लेकर विभिन्न राज्यों के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

