फरार शाइस्ता (Shaista Parveen) ने मरहूम बेटे अबान का किया आखिरी दीदार! जी हां। समर्थकों की अदृश्य खामोशी, करीबियों की सुगबुगाहट इसी तरफ इशारे कर रहे हैं। शौहर अतीक, देवर अशरफ के इंतकाल पर कहीं नजर नहीं आने वाली शाइस्ता की दूरी शायद इस बार घट गई।
बेटा अबान सबसे छोटी औलाद थी। अम्मी के लिए वह जिगर का टुकड़ा था। खुफिया एजेंसी के इनपुट जुटाने की सतर्कता, पुलिस और एसटीएफ की सक्रियता के बीच हटवा गांव से लेकर चकिया तक पहुंचे संकेत बहुत कुछ बयां कर रहे थे।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मारे गए माफिया अतीक अहमद (Atiq Ahmed son funeral) के जेल में बंद दो बेटों क्रमश: मोहम्मद उमर और अली अहमद को उनके छोटे भाई अबान अहमद के जनाजे (Aban Ahmed last rites) में शामिल होने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने उनकी पैरोल के लिए दाखिल की गई बुआ परवीन कुरैशी की याचिका स्वीकार कर ली है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद सामंत की खंडपीठ ने प्राथमिकता के आधार पर केस सुना और आठ अगस्त को रात आठ बजे तक के लिए पैरोल मंजूर कर ली।
जेल में बंद बड़े भाइयों का इंतजार
माफिया अतीक का बेटा एहजम, रिश्तेदार, करीबी और समर्थक जेल में बंद उमर व अली का इंतजार कर रहे हैं। बड़े भाइयों के आने पर अबान का जनाजा उठेगा। इसके बाद कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अतीक और अशरफ के पास की कब्र में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। वहीं, अबान के दोस्त रफीक उर्फ सोनू को शुक्रवार दोपहर जुमे की नमाज के बाद दफनाया गया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

