देश भर में मानसून ने एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ ली है, जिसके चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज के लिए देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मानसूनी ट्रफ और सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
उत्तराखंड में हाई अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में हालात सबसे ज्यादा संवेदनशील बने रहने की आशंका है, जहां कई पर्वतीय जिलों में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को लगातार हो रही बारिश और भारतीय मौसम विभाग द्वारा राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया।
उन्होंने जिला मजिस्ट्रेटों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और नदियों और नालों में जलस्तर पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।
इसके अलावा दक्षिण और पश्चिमी भारत के केरल, कोंकण-गोवा, ओडिशा और मध्य महाराष्ट्र में भी मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली-एनसीआर और यूपी-बिहार में भी बरसेगा पानी
राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में सुबह से ही बादल छाए रहने और दिन भर रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
इन राज्यों में भी अलर्ट
उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है। झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, त्रिपुरा) में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
तेज हवाएं और मछुआरों के लिए चेतावनी
इस दौरान तटीय राज्यों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और उग्र मौसम को देखते हुए आईएमडी ने मछुआरों को गहरे पानी में न उतरने की सख्त सलाह दी है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

