TMBU के लालबाग परिसर में भरभराकर गिरी क्वार्टर की छत! बाल-बाल बचे प्रोफेसर, तीन बार शिकायत के बाद भी नहीं सुधरे हालात

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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) प्रशासन की घोर लापरवाही के चलते शिक्षकों और कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ गई है। विश्वविद्यालय के लालबाग आवासीय परिसर स्थित गोदावरी अपार्टमेंट के क्वार्टर संख्या एल-1 में रविवार रात अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा।

उक्त आवास में मारवाड़ी कॉलेज के शिक्षक डॉ. आशीष कुमार मिश्रा सपरिवार रहते हैं। गनीमत यह रही कि जिस वक्त छत का प्लास्टर और कंक्रीट का स्लैब गिरा, उस समय उस कमरे में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा और जानलेवा हादसा बाल-बाल टल गया।घटना के संबंध में डॉ. आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि आवास की जर्जर हालत को लेकर वे विश्वविद्यालय प्रशासन को पूर्व में तीन बार लिखित आवेदन सौंप चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और न ही कोई सुध ली गई। उन्होंने बताया कि जब उन्हें यह क्वार्टर आवंटित हुआ था, तब रहने लायक स्थिति न होने के कारण उन्होंने स्वयं अपनी जेब से पैसे खर्च कर शुरुआती मरम्मत कराई थी।

इसके बावजूद भवन की स्थिति इतनी खस्ताहाल है कि आंतरिक हिस्सों के साथ-साथ बाहरी दीवारों और दूसरे व तीसरे तल से छज्जे के हिस्से लगातार टूट-टूटकर गिर रहे हैं, जिससे नीचे से गुजरने वालों पर भी हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।

हर माह कटता है एचआरए, फिर भी नहीं होती देखरेख

डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हर महीने शिक्षकों और कर्मियों के वेतन से आवास भत्ते (HRA) की नियमित कटौती की जाती है। इसके बावजूद सरकारी आवासों की नियमित मॉनिटरिंग, रखरखाव और समय पर आवश्यक मरम्मत कराने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जर्जर और बदहाल आवासों में रहने वाले विश्वविद्यालय कर्मियों और उनके परिजनों की जान हर वक्त सांसत में बनी रहती है।

  • टीएमबीयू के लालबाग आवासीय परिसर स्थित गोदावरी अपार्टमेंट के क्वार्टर संख्या एल-1 में रविवार रात गिरी छत

  • मारवाड़ी कॉलेज के शिक्षक डॉ. आशीष कुमार मिश्रा का है आवास; घटना के वक्त कमरे में किसी के न होने से टला हादसा

  • मरम्मत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को पूर्व में दिए जा चुके हैं तीन आवेदन, निजी खर्च के बाद भी जर्जर हैं हालात

  • हर माह एचआरए कटौती के बावजूद देखरेख न होने पर रोष; तत्काल तकनीकी निरीक्षण व जीर्णोद्धार कराने की उठाई मांग

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