अतीत में जब वह पानी में डूब रहे थे, तब उनके भाई ने उन्हें बचा लिया था।लेकिन आज वही भाई अपने पूरे परिवार के साथ पानी में डूब गया और उसे कोई नहीं बचा सका। पुरी के स्वर्गद्वार में मध्य प्रदेश के नलखेड़ा हादसे में जान गंवाने वाले शिव प्रसाद बेहरा के भाई सर्वेश्वर बेहरा ने दुखभरे शब्दों में यह पीड़ा व्यक्त की।
परिजनों की उपस्थिति में सभी मृतकों का दाह संस्कार किया गया। सातों मृतकों के लिए महाकालेश्वर के दर्शन ही अंतिम दर्शन साबित हुए।
इसके बाद उनके पार्थिव शरीर स्वर्गद्वार पहुंचे, जहां एक साथ सात चिताएं जलीं। मृतका रीता रानी, उनके पति ज्ञानेंद्र, उनके पुत्र तथा राधारानी को उनके भाई दिलीप बेहरा ने मुखाग्नि दी। वहीं शिव प्रसाद बेहरा और उनके दोनों बच्चों को निरंजन बेहरा ने मुखाग्नि दी।
राज्य सरकार के निर्देश पर स्वर्गद्वार में जिला प्रशासन और स्वर्गद्वार समिति की ओर से अंतिम संस्कार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।पुरी के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट स्वयं मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे थे।
मृतक शिव प्रसाद के भाई सर्वेश्वर बेहरा ने इस हादसे के लिए मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
उनका आरोप है कि दुर्घटना स्थल पर पर्याप्त चेतावनी सूचना-पट्ट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ। उन्होंने प्रशासन की लापरवाही को दुर्घटना का प्रमुख कारण बताया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

