शिव कॉलोनी में सीवर जाम की समस्या गंभीर, डेढ़ साल से सड़क पर बह रहा गंदा पानी

9.4kViews
1925 Shares

 पटौदी की शिव कॉलोनी के निवासी पिछले डेढ़ वर्ष से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। कालोनी की मुख्य सड़क पर सीवर का पानी और कीचड़ इस कदर जमा है कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। वार्ड नंबर 12 और 13 के बीच स्थित इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोग छोटे अधिकारियों से लेकर नेताओं और उपायुक्त तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा।

कॉलोनी में मुख्य रूप से अनुसूचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग रहते हैं। इस कालोनी में कोई बाजार न होने के कारण निवासियों के पास खरीदारी के लिए बाहर जाने का यही एकमात्र रास्ता है। स्कूली बच्चे भी इसी मार्ग से होकर स्कूल जाते हैं। ऐसे में सभी को इसी सीवर के गंदे बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ता है।

गंदगी के कारण अब उनके बच्चों के रिश्ते तक होने बंद हो गए

लगातार पानी जमा रहने से सड़क पर गड्ढे भी बन चुके हैं। आए दिन दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री इस स्थल पर फिसल कर गिरते रहते हैं। हद तो तब हो जाती है जब किसी की मृत्यु होने पर शव यात्रा को भी इसी गंदे पानी और कीचड़ के बीच से ले जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का दर्द है कि इस गंदगी के कारण अब उनके बच्चों के रिश्ते तक होने बंद हो गए हैं।

समस्या का मुख्य कारण सब्जी मंडी से होंडा शोरूम के बीच सीवर पाइपलाइन का बैठ जाना और ब्लाक होना है। समाधान के नाम पर जन स्वास्थ्य विभाग ने अस्थाई रूप से मोटर लगाकर पानी निकालने का उपक्रम किया, लेकिन मोटर भी नियमित नहीं चलाई जाती। उल्टा, विभाग ने मोड़ पर एक बड़ा गड्ढा खोद दिया है जो अब आवारा पशुओं और वाहनों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

पाइपलाइन बदलने के लिए सवा साल में एस्टीमेट पास नहीं हो पाया

कई माह पूर्व विधायक बिमला चौधरी के बेटे भाजपा नेता रवि चौधरी ने जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता के साथ मौके का मुआयना किया था। अधिकारियों ने जल्द लाइन बदलने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी फाइलें चंडीगढ़ के चक्कर काट रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार सुशासन का दावा करती है, लेकिन महज 150 से 200 फीट की पाइपलाइन बदलने के लिए सवा साल में एस्टीमेट पास नहीं हो पाया।

हैरानी की बात यह है कि नई पाइपलाइन के पाइप काफी समय से मौके पर डंप पड़े हैं, लेकिन विभाग उन्हें जमीन में दबाने की जहमत नहीं उठा रहा है। इस बारे में जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता राहुल का कहना है कि सीवर पाइपलाइन बदलने का एस्टीमेट बनाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा गया है। बजट और टेंडर की स्वीकृति मिलते ही काम युद्ध स्तर पर शुरू करवा दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *