ट्रैफिक नियम तोड़ा तो खैर नहीं! गुरुग्राम में नया सिस्टम लागू करने की तैयारी; सीधे घर पहुंचेगा चालान

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 गुरुग्राम में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर अब ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की नजर रहेगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस शहर में एआई आधारित ट्रैफिक इन्फोर्समेंट सिस्टम लागू करने की तैयारी में हैं।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत लेन ड्राइविंग का उल्लंघन करने वाले और ‘नो एंट्री’ में बिना अनुमति प्रवेश करने वाले भारी वाहनों की पहचान सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से होगी। इसके बाद संबंधित वाहन का आनलाइन चालान तैयार कर सीधे वाहन मालिक के पते पर भेजा जाएगा।

जीएमडीए के अनुसार, शहर में पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों को एआइ तकनीक से जोड़ा जाएगा। यह प्रणाली लेन अनुशासन का उल्लंघन करने वाले वाहनों की अपने आप पहचान करेगी।

अधिकारियों का मानना है कि इससे प्रमुख सड़कों पर लेन ड्राइविंग का पालन बढ़ेगा, ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

31 कचरा संग्रहण वाहन आइसीसीसी से जुड़े

जीएमडीए ने शहर के 31 कचरा संग्रहण वाहनों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) के सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ दिया है। इन सभी वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर कैमरा नेटवर्क से मैप किए गए हैं। अब ये वाहन शहर के किसी भी हिस्से से गुजरेंगे तो उनकी लोकेशन और गतिविधियों पर कंट्रोल सेंटर से रियल-टाइम निगरानी रखी जा सकेगी।

कचरा परिवहन पर रहेगी पूरी निगरानी

ये वाहन शहर के विभिन्न क्षेत्रों से ठोस कचरा एकत्र कर लैंडफिल साइट तक पहुंचाते हैं। नई व्यवस्था के बाद यह भी पता लगाया जा सकेगा कि कहीं रास्ते में कचरा तो नहीं गिराया गया या उसका अनुचित तरीके से निस्तारण तो नहीं किया गया। किसी शिकायत की स्थिति में संबंधित वाहन की तुरंत पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

‘नो एंट्री’ में घुसे भारी वाहनों पर भी होगी कार्रवाई

जीएमडीए और ट्रैफिक पुलिस भारी वाहनों की आवाजाही पर भी एआइ आधारित निगरानी लागू करेंगे। ट्रैफिक पुलिस से वैध अनुमति प्राप्त वाहनों की अपनले आप पहचान कर उन्हें छूट दी जाएगी, जबकि बिना अनुमति ‘नो एंट्री’ क्षेत्र में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों को सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चिह्नित कर सिस्टम जनरेटेड आनलाइन चालान जारी किए जाएंगे।

स्मार्ट सिटी प्रबंधन को मिलेगी मजबूती

अधिकारियों का कहना है कि नई तकनीकी व्यवस्थाओं के लागू होने से ट्रैफिक नियमों का पालन बेहतर होगा, सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत तकनीक आधारित शहरी प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही भी पहले से अधिक प्रभावी होगी।

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