अंबेडकरनगर का लोहिया भवन अब निजी आयोजनों के लिए उपलब्ध, आय बढ़ाने की पहल

 लोहिया भवन को होटल की तर्ज पर विकसित कर अपनी आय बढ़ाने की तैयारी में पंचायतीराज विभाग जुट गया है। जिला मुख्यालय पर प्रशिक्षण एवं सरकारी बैठकों तक सीमित रहने वाले क्षेत्रीय पंचायत रिसोर्स लोहिया भवन को अब निजी आयोजनों के लिए भी बुक किया कर सकेंगे।

पंचायतीराज विभाग आमदनी बढ़ाने के लिए भवन को होटल की तर्ज पर सुविधाओं व संसाधनों से सुसज्जित करेगा। बिजली-पानी एवं कैटरिंग आदि की सुविधाएं देने का खाका तैयार किया गया है। पांच सौ रुपये से 25 हजार रुपये तक इसकी बुकिंग का किराया चुकाना होगा।

होटलों तथा मैरिज लान का विवरण संकलित कर इनसे सस्ती दर पर सुविधा देने की तैयारी है। इसके लिए जिले में संचालित होटलों, मैरेज लान आदि के बुकिंग शुल्क का विभागीय अधिकारियों ने आकलन किया है।

लाेहिया भवन की क्षमता

वर्ष 2016 में 1.361 हेक्टेयर में बने लोहिया भवन को अभी तक प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक उपयोग के लिए अभीतक किराए पर दिया जाता रहा है। इसके पेयजल समेत स्वच्छ वातावरण, एक्टीविटी एरिया एवं और गार्डेन, पार्किंग एरिया व वाई-फाई से लैस परिसर है। 275 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता का आडिटोरियम है।

इसे 25 हजार रुपये, 200 व्यक्तियों की क्षमता के दो प्रशिक्षण हाल को 10-10 हजार रुपये, 40 व्यक्तियों की क्षमता के दो प्रशिक्षण कक्ष समेत 12 आवासीय कक्ष को 500-500 रुपये में बुक किया जाता रहा है। यहां राजनीतिक, धार्मिक, मांगलिक कार्यक्रम के लिए अभीतक नहीं दिया जाता रहा है।

ऐसे में समय से बिजली बिल भुगता नहीं होने पर 1.58 करोड़ बकाया हो चुका है। वहीं अग्निशमन यंत्र से लेकर बिजली तथा पानी की सप्लाई और एसी आदि की मरम्मत में बजट का अभाव बाधक बन गया।

ससमय सर्विसिंग नहीं होने से संसाधन निष्प्रयोज्य होने लगे। अब पब्लिक प्राइवेट पर्टनरशिप (पीपीपी) पर विकसित करने की आवश्यकता जताई गई है। ताकि संसाधनों को क्रियाशील बनाए रख सकें।

मांगलिक कार्यक्र में उपयोग का प्रस्ताव

मंडलायुक्त की अध्यक्षता में मंडलीय प्रशिक्षण एवं क्रियान्वयन समिति इसकी देखभाल करती है। इसमें अंबेडकरनगर और अमेठी के जिलाधिकारी समेत संयुक्त विकास आयुक्त, उपनिदेशक पंचायतीराज, मंडल के पांचों जिलों के डीपीआरओ व जिला प्रशिक्षण अधिकारी अयोध्या सदस्य नामित हैं।

अक्टूबर 2019 में तत्कालीन डीएम ने मंडलायुक्त को लोहिया भवन का मांगलिक उपयोग में निजी लोगों को किराए पर दिए जाने का प्रस्ताव भेजा था। इसमें आडिटोरियम को 50 हजार रुपये, सभाकक्ष को 15 हजार रुपये, प्रशिक्षण के लिए 600 रुपये तथा लान के लिए 25 हजार रुपये किराया प्रस्तावित किया था। राजकीय कर्मचारियों को 25 प्रतिशित छूट देने की व्यवस्था शामिल है।

जिला पंचायतराज अधिकारी उपेंद्र पांडेय ने बताया कि लोहिया भवन को मांगलिक कार्यक्रम के लिए निजी उपयोग में किराए पर देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे होटल की तर्ज पर तैयार कर आय अर्जित करेंगे। यह लोहिया भवन को क्रियाशील रखने में बजट का अभाव दूर करने में सहायक होगा।

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