विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में कारोबारी जहाजों और उन पर काम करने वाले नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
जयशंकर ने यह एक्स पर एक पोस्ट में ये जानकारी साझा की। पश्चिम एशिया के हालात पर जयशंकर ने कहा कि भारत का हमेशा से बातचीत और कूटनीति के जरिये समाधान निकालने पर जोर रहा है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन और ईरान के खिलाफ जारी सैन्य आक्रामकता, जिसमें नौसैनिक नाकाबंदी और ईरान के वाणिज्यिक जहाजों पर हमले शामिल हैं, क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा के मुख्य कारण हैं।
उन्होंने आक्रामक पक्षों को जवाबदेह ठहराने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी पर जोर दिया।भारत के विदेश मंत्री ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और इसके अन्य देशों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने तनाव कम करने में मदद के लिए भारत की तत्परता को रेखांकित किया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

