संसद में भगवा पहनकर नुक्कड़ नाटक कर बुरे फंसे पप्पू यादव, स्पीकर ओम बिरला की नाराजगी के बाद FIR दर्ज

3.6kViews
1955 Shares

संसद परिसर में शुक्रवार को कथित राम मंदिर चंदा गबन मामले को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

राष्ट्रीय राजधानी के जहांगीरपुरी थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।

धार्मिक प्रतीकों के अपमान का आरोप

यह शिकायत सूर्य मैथिल ने दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि संसद परिसर के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रदर्शन में भगवान रामलला विराजमान की तस्वीर को पैरों के नीचे रखा गया, जिससे सनातन को मानने वालों की भावनाएं आहत हुई हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन को राहुल गांधी, डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद समेत INDI गठबंधन के कई सांसदों का समर्थन प्राप्त था।

संसद परिसर में नुक्कड़ नाटक के जरिए विरोध

शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने कथित राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। इस दौरान ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’, ‘जवाब तुमको देना होगा’ और ‘अमित शाह, सदन में आओ’ जैसे नारे लगाए गए।

प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर मंदिर के पुजारी की भूमिका में नजर आए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और उन्होंने दान संग्रह का प्रतीकात्मक दृश्य प्रस्तुत किया।

जेब में रखे दान के पैसे

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसद श्रद्धालुओं की भूमिका निभाते हुए दान पात्र में पैसे डालते दिखे, जबकि पुजारी की भूमिका निभा रहे पप्पू यादव प्रतीकात्मक रूप से वही पैसे अपनी जेब में रखते नजर आए। इसके बाद समाजवादी पार्टी के एक सांसद, जो श्रद्धालु की भूमिका निभा रहे थे, ने इस कथित ‘अनियमितता’ पर आपत्ति जताई। पूरे प्रदर्शन को नुक्कड़ नाटक की शैली में प्रस्तुत किया गया।

संसद में ऐसे प्रदर्शनों पर सख्ती की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, संसद परिसर में इस तरह के वेशभूषा आधारित और नाटकीय प्रदर्शनों पर लोकसभा सचिवालय ने कड़ा रुख अपनाया है। सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि संसद परिसर में इस प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।

बताया जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई है और मौजूदा दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने की तैयारी की जा रही है।

विपक्ष ने बताया प्रतीकात्मक प्रदर्शन

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन अयोध्या में दान से जुड़े आरोपों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया था।

उनका कहना है कि श्रद्धालुओं से दान लिया गया, लेकिन रसीद नहीं दी गई और कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज भी हटा दी गई। उन्होंने इस पूरे मामले पर संसद में चर्चा कराने की मांग की।

गिरिराज सिंह का हमला

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष के प्रदर्शन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों से सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी वोट बैंक की राजनीति के लिए सनातन का अपमान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सनातन समाज इसका जवाब देगा और इस तरह के कृत्य को कभी माफ नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *