विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर वर्षा की शुरुआत के साथ ही पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाओं का सिलसिला तेज हो गया है।
यात्रा सीजन के दौरान अब तक ऐसी तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। आगामी दिनों में तेज वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की चिंता भी बढ़ गई है।
22 मई को हुई हुई थी पहली मौत
केदारनाथ पैदल मार्ग हर वर्ष वर्षाकाल में अत्यंत संवेदनशील हो जाता है। मार्ग के कई हिस्से भूस्खलन और पत्थर गिरने की दृष्टि से जोखिमपूर्ण हैं। इसके बावजूद हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन इस मार्ग से बाबा केदार के दर्शन के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
इस यात्रा सीजन में 22 मई को हुई घटना में पैदल मार्ग पर पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक व्यापारी की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था।
इसके बाद पांच जून को जंगलचट्टी क्षेत्र के समीप हुए हादसे में एक घोड़ा संचालक की जान चली गई और एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं हाल ही में हुई तीसरी दुर्घटना में एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रशासन की ओर से लगातार यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा कई जगहों पर कर्मी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराते हैं।
इसके बावजूद अचानक पत्थर गिरने की घटनाओं को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं हो पा रहा है। जुलाई और अगस्त में वर्षा का प्रभाव और बढ़ने पर ऐसे हादसों की आशंका भी बढ़ सकती है। चिंता की बात यह है कि कई बार बिना वर्षा के भी पहाड़ियों से पत्थर गिर जाते हैं, जिससे यात्रियों को खतरा बना रहता है।


