डिग्री लेना ही काफी नहीं, व्यावहारिक कौशल भी जरूरी, LG मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवा देश के भविष्य के निर्माता हैं और बदलते वैश्विक परिवेश में केवल शैक्षणिक डिग्री नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कसौटी होंगे। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें अवसरों का लाभ उठाकर अपनी प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहिए।
श्रीनगर स्थित अमर सिंह कॉलेज में आयोजित मेगा रोजगार मेले को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि यह पहल युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने और उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल भर्ती प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और सफल करियर की नींव रखने का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा, ‘आप भारत के भविष्य के निर्माता हैं। आप स्किल इंडिया की ताकत हैं और डिजिटल इंडिया की प्रेरक शक्ति हैं।’ उन्होंने कहा कि युवाओं को सफलता के लिए सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है तथा ऐसे रोजगार मेलों का उद्देश्य उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का मंच उपलब्ध कराना है, ताकि वे समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकें।
ये जॉब फेयर सिर्फ भर्ती नहीं, आपके उज्ज्वल भविष्य की नींव है
उपराज्यपाल ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। शैक्षणिक योग्यता के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा, “तेजी से बदलती दुनिया में वही लोग आगे बढ़ेंगे जो अपने कौशल को लगातार निखारते रहेंगे और नई चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को ढालेंगे।”
उन्होंने कहा कि मेगा जॉब फेयर का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उनकी क्षमता को विकसित करना और उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष कार्यबल तैयार करना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जम्मू-कश्मीर का कुशल और सक्षम युवा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हर युवक-युवती को सपना पूरा करने का समान अवसर मिलेगा
शिक्षकों की भूमिका पर बल देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करने का आग्रह किया जो आत्मविश्वासी, कुशल और समय की बदलती मांगों के अनुरूप स्वयं को ढालने में सक्षम हों। उन्होंने कहा, ‘हमें ऐसे शिक्षण संस्थान विकसित करने होंगे जो युवाओं को ज्ञान के साथ-साथ आत्मविश्वास और कौशल भी प्रदान करें, ताकि वे अपने जीवन की नई यात्रा पूरी तैयारी के साथ शुरू कर सकें।’
अपने संबोधन के अंत में उपराज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि जम्मू-कश्मीर एक विकसित और अवसरों से परिपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभरेगा, जहां प्रत्येक युवा—चाहे वह युवक हो या युवती—को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और अपने सपनों को साकार करने का समान अवसर मिलेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

