भारतीय सिनेमा में कई दिग्गज संगीतकार हुए हैं जिन्होंने एक से बढ़कर एक गीत और कंपोजिशन दिए हैं। आनंद बख्शी से लेकर- आर बर्मन और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की जोड़ी से लेकर खय्यम तक जैसे लीजेंडरी म्यूजिशियंस ऐसे थे जिन्होंने कई गानों की बेहदरीन कंपोजिशन दी और कई बेहतरीन गाने लिखे भी।
लता मंगेशकर और रफी साहब ने दी इनके गीतों को आवाज
इनके लिखे गीत सालों बाद भी सदाबहार हैं और कई तो कल्ट क्लासिक बनकर उभरे हैं। इन्हीं में से एक संगीतकार ऐसे थे जिन्होंने अपने पूरे करियर में 10 हजार से ज्यादा गीत लिखे और कंपोज किए। उन्होंने ना सिर्फ हिंदी बल्कि गुजराती सिनेमा में भी कई शानदार गीत दिए और उनके गाये गीतों को लीजेंडरी गायक मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) और लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने अपने आवाज में पिरोया है।
10,000 गीत बनाने वाला जादूगर
भारतीय संगीत के वो महान जादूगर थे जिन्होंने अपने करियर में 10 हजार गीत लिखे और उन्हें कंपोज किया, वे थे अविनाश व्यास (Avinash Vyas)। जिन्होंने गुजराती सिनेमा में लगभग 190 फिल्मों के लिए संगीत दिया और रफी साहब और लता दीदी से अपने सदाबहार गीतों को आवाज दिलवाई।
अविनाश व्यास के वो गीत जिन्हें रफी-लता ने गाया
मोहम्मद रफी ने फिल्म लक्ष्मी के लिए पोलम पोल गीत गाया था इसके अलावा लता मंगेशकर ने फिल्म मेहंदी रंग लग्यो के लिए मेहंदी ते ववी मालवे, फिल्म कैलाशपति के लिए जा रे बादल जा जैसे गीत गाए थे। इतना ही नहीं उस दौर के बेहतरीन सिंगर्स जैसे मुकेश, मन्ना डे, तलत महमूद, आशा भोंसले, गीता दत्त, किशोर कुमार ने भी उनके गीतों को अपनी आवाज दी थी।
40 के दशक में मिली सफलता
अविनाश व्यास 1912 में गुजरात में जन्मे थे और उन्होंने उस्ताद अलाउद्दीन खान से ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने अपने करियर की पहली सफलता 1948 में रिलीज हुई फिल्म गुणसुंदरी से मिली थी जो गुजराती और हिंदी दोनों भाषाओं में बनी थी।
उन्होंने फिल्मों के अलावा लोकगीत, भजन और गैर फिल्मी गीत भी लिखे। भारतीय कला और संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें 1070 में पद्म श्री से सम्मानित किया था।
अविनाश व्यास के सदाबहार गीत
रख ना रमकदा-
मेहंदी ते वावी मालवे
कौन हलवे लिमड़ी
तेरे द्वार खड़ा भगवान
पंखिड़ा ने आ पिंजरू

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

