देशभर में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उत्तराखंड में भी छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। NEET परीक्षा विवाद से लेकर उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) के कथित पेपर लीक मामले तक, युवाओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी मुद्दे को लेकर हल्द्वानी में CJP के बैनर तले प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस बीच उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में बीटेक की दो परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद विश्वविद्यालय ने दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। प्रारंभिक जांच में एक सहायक प्रोफेसर पर परीक्षा से पहले छात्रों तक प्रश्न भेजने का आरोप लगा, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। विश्वविद्यालय ने दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय भी लिया है।
पेपर लीक की इस घटना के बाद राज्य में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्ष ने मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है, जबकि सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

