हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी बारिश लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। राजधानी शिमला के टूटीकंडी वार्ड में ओल्ड बैरियर के पास बुधवार सुबह भारी बारिश के बीच पेड़ मकानों पर गिर गए, जिससे घर की टीन की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि समय रहते परिवार के सदस्य घरों से बाहर निकल गए, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग और प्रशासन को पहले ही पेड़ों के खतरे की जानकारी देने का दावा किया है और अब नुकसान की भरपाई की मांग उठाई है।
क्या बोले- प्रत्यक्षदर्शी
सुबह करीब सात बजे टूटीकंडी वार्ड के 12 घर की लाइन के पास अचानक चार पेड़ मकानों पर गिर गए। घर की मालिक जसवीर कौर ने बताया कि पेड़ सीधे उनके घर की छत पर गिरा, जिससे पूरे मकान को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्य समय रहते बाहर निकल गए, इसलिए बड़ा हादसा टल गया।
पीड़ित परिवारों का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि ऊपर स्थित होटल और मोटर बैरियर क्षेत्र से निकलने वाला पानी लंबे समय से उनके घरों की ओर छोड़ा जा रहा है। लगातार हो रहे पानी के रिसाव से जमीन कमजोर हुई और इसी कारण पेड़ गिर गए। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी वन विभाग को पेड़ों के खतरे और पानी की समस्या को लेकर शिकायत की थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
अभी दो और पेड़ हैं खतरा
वहीं घटना की सूचना मिलते ही पूर्व पार्षद आनंद कौशल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुबह सूचना मिलते ही उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद पेड़ काटने की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि दो पेड़ मकानों पर गिरे हैं जबकि दो अन्य पेड़ भी झुक गए हैं, जिन्हें हटाना जरूरी है।
प्रशासन करे मदद
पूर्व पार्षद आनंद कौशल ने कहा कि मोटर बैरियर क्षेत्र की दुकानों और ऊपर के हिस्से से निकलने वाला पानी सीधे नीचे आ रहा है। लगातार पानी के रिसाव से जमीन कमजोर होने के कारण पेड़ मकानों की ओर झुक गए और यह हादसा हुआ। उन्होंने प्रशासन से तत्काल स्थायी समाधान निकालने और प्रभावित परिवारों को उचित राहत देने की मांग की।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

