भारत में काफी तेजी से नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा रहा है। उतनी ही तेजी से इनमें समस्याओं की जानकारी भी सामने आ रही है। इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार की ओर से क्या नया फैसला लिया गया है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
क्या लिया फैसला
रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार की ओर से यह तय किया गया है कि किसी भी नए एक्सप्रेस वे और हाइवे के उद्घाटन से पहले उसका ट्रायल रन किया जाएगा। इस दौरान दो से तीन महीनों तक वाहनों को बिना चलने की इजाजत दी जाएगी।
लोगों को होगा फायदा
अगर सरकार के इस फैसले को लागू किया जाता है तो इसका फायदा आम जनता को भी मिलेगा। ट्रायल रन के दौरान करीब दो से तीन महीनों तक नए एक्सप्रेस वे और हाइवे पर टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। जिससे लोगों को राहत मिल सकती है।
सरकार को भी होगा फायदा
आम जनता के साथ ही इसका फायदा सरकार को भी मिलेगा, क्योंकि अगर ट्रायल रन के दौरान किसी भी तरह की समस्या सामने आती है तो समय रहते उसको ठीक किया जा सकेगा।
केंद्रीय मंत्री ने की बैठक में चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की समीक्षा बैठक में इस विचार पर गहराई से चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण और सेफ्टी ऑडिट पूरा होने के बाद ही इस तरह का रोड टेस्ट शुरू हो सकता है।
सामने आ चुकी हैं कई घटनाएं
हाल में ही पीएम मोदी ने दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया था। जिसके बाद उसमें सड़क धंसने की समस्या सामने आई थी। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर भी शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में कमी पाई गई थी, जिसके बाद एनएचएआई को कुछ समय के लिए टोल टैक्स वसूली को रोकना पड़ा था।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

