मंगलवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर एक बार फिर मुसीबत बढ़ा दी है। ताजा भूस्खलन और मलबा आने से हाईवे पर कई जगहों पर यातायात बाधित हो गया है। कई संवेदनशील जगहों पर सड़क को साफ करने का काम युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन तेज बारिश के चलते रेस्क्यू टीमों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, उधमपुर और रामबन जिलों में भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। खासतौर पर शारदा माता मंदिर और थारा के पास शूटिंग स्टोन और मडस्लाइड की वजह से हाईवे पर चलना जानलेवा हो गया है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), ट्रैफिक पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर तैनात हैं और मलबा हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि सफर शुरू करने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें।
राजौरी में भी भूस्खलन, स्थानीय संपर्क मार्ग प्रभावित
इसी बीच राजौरी जिले के नोग्राटा सालधार इलाके से भी भूस्खलन की खबर आई है, जहां लगातार बारिश के बाद पहाड़ से मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थर नीचे आ गए। इससे स्थानीय सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। राहत की बात है कि अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
10 जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने जम्मू संभाग के कई जिलों के लिए बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने आशंका जताई है कि अगले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। अलर्ट वाले जिलों में जम्मू, रियासी, उधमपुर, पुंछ, राजौरी, सांबा, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन शामिल हैं।
पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश के इस दौर ने जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। अचानक बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं में मकानों, खेतों, सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है।
फिलहाल सभी आपातकालीन एजेंसियां अलर्ट पर हैं और संवेदनशील जगहों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि जल्द से जल्द सड़कों को खोला जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

