अप्रयुक्त भूमि का सदुपयोग करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग में मोती संवर्धन योजना शुरू की है। योजना के तहत किसानों को मोती उत्पादन के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इच्छ़ुक किसान 31 जुलाई तक विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।
सहायक मत्स्य निदेशक दिपांशु ने बताया कि योजना का उद्देश्य उद्यमशीलता को बढ़ावा देना, विदेशी मुद्रा अर्जित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। गंगा और यमुना नदी के मीठे पानी में सीप प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इन सीपों का उपयोग मोती उत्पादन के लिए किया जाएगा।
बताया कि योजना के तहत तीन परियोजनाएं संचालित है। इसमें सभी में 40 प्रतिशत अनुदान मुहैया कराया जाएगा। इसमें खेत तालाब योजना में निर्मित तालाब 440 वर्ग मीटर जल स्तर डेढ़ मीटर में 2000 सीप इसका इकाई लागत डेढ़ लाख रुपये होगा।
निजी कच्चा तालाब एक एकड़ जल में पांच सीप की इकाई लागत साढ़े तीन लाख रुपये व निजी कच्चा तालाब एक एकड़ से अधिक 15 हजार सीप इकाई लागत 10 लाख रुपये का होगा।
आवेदन के लिए प्रदेश का निवासी, निजी भूमि पर तालाब, और केवाईसी अनिवार्य है। मोती पालन में अनुभवी को प्राथमिकता दी जाएगी।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

