फलस्तीन मिलिटेंट ग्रुप हमास ने खलील अल-हया को अपना लीडर बनाया है। यह बात हमास की तरफ से सोमवार को जारी एक बयान में कही गई।
इजरायली हमलों में इस्माइल हनैया और याहया सिनवार की मौत के बाद खलील अल-हैया हमास के बड़े नेता बनकर उभरे हैं। वह गाजा के प्रमुख वार्ताकार भी हैं। 2014 में इजरायल के साथ युद्धविराम कराने में उनकी बड़ी भूमिका रही है।
इजरायल की हिट लिस्ट में खलील अल-हैया
इजरायल 2007 और 2014 में दो बार उनके घर पर बमबारी कर चुका है। पहली बार हैया के करीबी रिश्तेदार और दूसरी बार इनके बड़े बेटे, बहू और तीन पोतों की जान चली गई। कतर के दोहा में इजरायली हमले में उनको निशाना बनाने की कोशिश की गई। वह कतर की मध्यस्थता से इजरायल और फलस्तीन के बीच युद्धविराम समझौते के लिए अमेरिकी प्रस्ताव पर चर्चा के लिए पहुंचे थे।
हमास के सबसे प्रभावशाली नेता
साल 2014 में गाजा छोड़ने के बाद से खलील अल-हैया अरब और इस्लामी जगह में हमास के प्रतिनिधि के तौर कर काम करने लगे। साथ ही उन्होंने कतर को अपना ठिकाना बना लिया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

