विझिंजम पोर्ट से 18 अगस्त से शुरू होगा पूर्ण आयात-निर्यात, सतीशन ने कहा केरल की आर्थिक प्रगति के लिए मील का पत्थर
केरलम के आर्थिक विकास और भारत के समुद्री क्षेत्र के इतिहास में 18 अगस्त एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शनिवार को घोषणा की कि विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह से पूरी तरह से आयात-निर्यात शुरू हो जाएगा।
इसके साथ ही, विझिंजम केवल एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट न रहकर, अंतरराष्ट्रीय आयात-निर्यात का एक प्रमुख वैश्विक प्रवेश द्वार बन जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं पहले निर्यात कंटेनर को हरी झंडी दिखाकर इस ऐतिहासिक सेवा की शुरुआत करेंगे।
‘मिशन समुद्र’ और वैश्विक बिजनेस समिट का आगाज
इस उद्घाटन के साथ ही ‘मिशन समुद्र’ बिजनेस समिट का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें दुनिया भर की शिपिंग कंपनियां, लाजिस्टिक्स फर्म और निवेशक शामिल होंगे।
इसके तहत ‘मिशन समुद्र’ पहल को आधिकारिक तौर पर लांच किया जाएगा, जिसका उद्देश्य केरलम को बंदरगाहों, लाजिस्टिक्स और मल्टीमाडल कनेक्टिविटी से जोड़कर देश का अग्रणी समुद्री हब बनाना है।
महज 18 महीनों में 20 लाख कंटेनरों का रिकार्ड
केरलम सरकार और अदाणी पोर्ट्स व विशेष आर्थिक जोन (एपीएसईजेड) की सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) से बना यह बंदरगाह दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते पोर्ट्स में शामिल हो चुका है। कमर्शियल आपरेशन शुरू होने के महज 18 महीनों के भीतर इसने 20 लाख कंटेनरों को हैंडल करने का कीर्तिमान रचा है।यह देश का पहला डीप वाटर ट्रांसशिपमेंट और दक्षिण एशिया का पहला पूरी तरह से आटोमेटेड कंटेनर पोर्ट है, जो सभी शिपिंग लाइनों के लिए समान रूप से खुला रहेगा। सरकार के सौ दिवसीय कार्ययोजना के तहत शुरू हो रही इस सेवा से लाजिस्टिक्स लागत घटेगी, नए निवेश आएंगे और रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

