इन दिनों नेपाल सीमा से सटे रामपुर में रामपुर-जिगना मुख्य मार्ग पर जलजमाव और गड्ढों के कारण सड़क तालाब में बदल गई है, जिससे आम जनता और राहगीरों का आवागमन दूभर हो गया है।
यह सड़क पिछले करीब 8 वर्षों से बदहाल है। जबकि सीमा क्षेत्र के गांवों के विकास के लिए केंद्र सरकार की भी योजना चलाई जा रही है, लेकिन इसका असर यहां देखने को नहीं मिल रहा है।
इससे 20 हजार से अधिक आबादी प्रभावित है। ग्रामीण अशोक सुब्बा का कहना है कि बरसात के दौरान सड़क पर आवागमन लगभग ठप हो जाता है। विवश होकर लोग इस मार्ग से होकर गुजरते हैं।
वीरेंद्र थापा ने बताया कि यही सड़क रामपुर गांव एवं जंगल क्षेत्र को जोड़ती है, लेकिन बारिश में यह पूरी तरह जल मग्न हो जाती है। डॉ. जयकिशोर कुमार ने बताया कि रामपुर जिगना महत्वपूर्ण सड़क है।
इस सड़क के बदहाल होने एवं बरसात के दिनों में जल जमाव की समस्या से इस क्षेत्र के 20 हजार से अधिक आबादी प्रभावित है। वहीं जिला पार्षद आशा देवी ने बताया कि अधिकारियों को सूचना दी गई है।
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता कह रहे हैं कि यह सड़क निविदा में है। इसकी प्रक्रिया पूरी होते निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जबकि नियमावली के अनुसार बरसात में टूटी सड़क को सबसे पहले मरम्मत की जानी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

