सरयू नदी की बाढ़ से ग्रस्त लोगों के लिए इस बार प्रशासन ने राहत व्यवस्था को और बेहतर बनाने की तैयारी की है। पीड़ितों को अब सिर्फ राहत किट ही नहीं, बल्कि दो समय का भोजन और सुबह का नाश्ता भी दिया जाएगा। बच्चों को फल और बुजुर्गों को प्रतिदिन एक गिलास दूध मिलेगा, ताकि बाढ़ के कठिन दिनों में लोगों का जीवनयापन और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।
जिले के रामनगर, सूरतगंज, पूरेडलई और सिरौलीगौसपुर ब्लॉक हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं। करीब 45 से 50 गांवों की हजारों आबादी महीनों तक प्रभावित रहती है। इसी को देखते हुए इस बार राहत शिविरों और आपदा प्रबंधन को पहले से अधिक मजबूत किया जा रहा है।
जिला पूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने बताया कि इस वर्ष राहत किट में 26 प्रकार की सामग्री दी जाएगी। पिछले साल राहत किट में 24 सामान शामिल थे। इस बार दो किलो चना और डेटाल जैसी जरूरी सामग्री अतिरिक्त रूप से जोड़ी गई है।
राहत शिविरों में सुबह दलिया और पोहा का नाश्ता, दोपहर में भोजन तथा रात में पूड़ी-सब्जी या रोटी-सब्जी के साथ मिठाई भी दी जाएगी। बहुउद्देशीय भवन 8182 वर्ग मीटर में निर्मित भवन में तीन तल हैं। बाढ़ पीड़ितों को राहत मिलगी।
भोजन और नाश्ता से सुधरेगी बाढ़ पीड़ितों की सेहत
जुलाई से लेकर सितंबर तक सरयू नदी में बाढ़ आती है। इन तीन महीनों में लोगों के जीवनयापन में काफी दिक्कतें रहती हैं। राहत शरणालय में बाढ़ के दौरान सुबह साढ़े सात बजे से लेकर नौ बजे तक दलिया का नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों को फल और बुजुर्गों को एक गिलास दूध दिया जाएगा। साढ़े 12 बजे से दो बजे तक भोजन, रात में साढ़े छह बजे से लेकर आठ बजे तक सब्जी रोटी या पूड़ी दी जाएगी। साथ में मिठाई रहेगी।
बाढ़ राहत किट में यह रहेगी सामग्री
- लाई-2.50 किलो
- चना : दो किलो
- भुना चना : दो किलो
- चीनी : एक किलो
- बिस्किट : 10 पैकेट
- माचिस : एक पैकेट
- मोमबत्ती : एक पैकेट
- नहाने का साबुन : दो
- ढक्कनदार बाल्टी : एक 18 लीटर
- तिरपाल : एक
- आटा : 10 किलो
- चावल : 10 किलो
- अरहर की दाल : दो किलो
- आलू : 10 किलो
- हल्दी : 200 ग्राम
- मिर्च : 100 ग्राम
- सब्जी मसाला : 200 ग्राम
- सरसों तेल : एक लीटर
- नमक : एक किग्रा
- सैनिटरी पैड : 20
- कपड़े धोने का साबुन : दो
- तौलिया : एक
- डिस्पोजल बैग : 20
- मग : एक
- डेटाल : 100 मिली


