नई दिल्ली: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां फिलहाल असमान बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राजस्थान और गुजरात के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार सहित 18 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में एक नया वर्षा तंत्र सक्रिय होने के कारण बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
वहीं, राजस्थान और गुजरात के कई क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर बनी हुई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली में बदलाव के साथ इन इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
आईएमडी ने भारी बारिश वाले राज्यों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, बिजली गिरने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थितियां बनने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को भी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह असमान स्थिति कृषि और दैनिक जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और उसी के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

