‘न्यूजीलैंड में 25 साल पहले गिफ्ट में मिला मफलर आज भी मेरे पास’, प्रवासी भारतीयों के बीच बोले पीएम मोदी

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पीएम मोदी आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया। इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों की तुलना यहाँ की संस्कृति के पवित्र शब्द ‘वाका’ (साझा यात्रा) से करते हुए इसे एक नई शुरुआत बताया।

वहीं, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण नेताओं में से एक और न्यूजीलैंड का सच्चा दोस्त करार दिया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “भारत के लोग सुनते आए थे 20 साल के बाद लेकिन आज 40 साल के बाद कोई भारतीय पीएम न्यूजीलैंड की धरती पर आया है। ये मेरा सौभाग्य है मैं न्यूजीलैंड के सभी निवासियों के लिए, आप सभी लोगों के लिए, 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं।

पीएम के रूप में मेरा पहला न्यूजीलैंड दौरा है लेकिन 25-30 साल पहले जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था, तब मुझे यहां आने का मौका मिला था। उस समय मुझे किसी ने गिफ्ट में 3 चीजें दीं , जो मैं भारत लेकर गया। एक- ये मफलर, एक कैप और एक सेट दस्ताना।”

पीएम मोदी ने मफलर का जिक्र करते हुए कहा कि इसे 25-30 साल पहले मुझे न्यूजीलैंड के एक साथी ने दिया था। इतने साल में मैंने कई बार इसका इस्तेमाल किया और आज भी संभाल कर रखा है। जैसे आपके प्यार को संभालकर रखता हूं।

भारत-न्यूजीलैंड के रिश्ते में यादें भी हैं और दोस्ती भी

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते में यादें भी हैं, दोस्ती भी है, वैल्यूज भी है और कमीटमेंट भी है। न्यूजीलैंड की सुंदर परंपरा अचछे से डिफाइन करती है। यहां सदियां से एक वाका शब्द लोगों को जोड़ता आया है।

यह हमारी शेयर्ड जर्नी का प्रतीक है। यही वाका एक नई यात्रा पर निकलने के लिए तैयार है। हमारे सामने अवसरों से भरा खुला समुद्र है। हवाएं हमारे साथ है, समंदर की विशाल लहरे हमारे साथ है। इच्छाशक्ति का नीला आसमान हमारे साथ है। पाने को बहुत कुछ है और मैं जानता हूं कि हम सफल होंगे।

न्यूजीलैंड ने दिया भारतीय शहरों को सम्मान

पीएम मोदी ने भारत के प्रति वहां के रिश्तों को जोड़ते हुए कहा कि न्यूजीलैंड वो जगह है, जहां सड़कों में भी भारतीय शहरों को सम्मान दिया गया है। कहीं खंडाला है, कहीं बॉम्बे हिल्स है, कहीं कोरोमंडल है, कलकत्ता स्ट्रीट है, दिल्ली क्रिसेंट है, अमृतसर स्ट्रीट है… ऐसे कितने ही नाम हैं, जहां रहते-रहते आप भी पूरे के पूरे कीवी हो गए हैं।

न्यूजीलैंड के लीडर से जब भी मैं मिला हूं आप सभी की प्रशंसा करते हैं। प्रशंसा आपकी होती है और सिर मेरा ऊंचा होता है।

हमने न्यूजीलैंड से बहुत कुछ सीखा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आप सभी जानते हैं कि भारत हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता है जो आज अपनी प्राचीनता को सहेजते हुए आधुनिकता को स्वीकार कर रहा है। हर युग में , हर दौर में भारत ने खुद को ट्रांसफॉर्म किया है। इसका कारण है सीखने की ललक। भारत सबसे सीखता है।

हमारे लिए सामने वाले देश की जनसंख्या नहीं, जनकल्याण की भावना मायने रखती है। और इसलिए हमने न्यूजीलैंड से भी बहुत कुछ सीखा है और अब भी सीख रहे हैं। यह वो देश है जिसने सबसे पहले महिलाओं को वोटिंग का अधिकार दिया था।

आज हम देखते हैं कि यहां की सोसायटी में महिलाएं बहुत बड़े पैमाने पर योगदान दे रही है। भारत भी महिलाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहा है। रूरल इकॉनोमी कैसे किसी देश की तकदीर बदल सकती है, ये न्यूजीलैंड ने करके दिखाया है। इसकी ताकत एग्रीकल्चर के इर्द-गिर्द बनाया गया।

ये बहुत बड़ी प्रेरणा है। भारत जैसे छोटे किसानों वाले बड़े एग्रीकल्चर देश के लिए बहुत बड़ी सीख है। न्यूजीलैंड ने दिखाया है कि छोटे बाजार भी बड़े ब्रांड बन सकते हैं।

न्यूजीलैंड हमारी बहुत मदद कर सकता- मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम कंटेंट क्रिएटर्स की भाषा में बात करें तो ये कोलेब का जमाना है। दोनों देश स्पोर्ट्स में भी बहुत शानदार कोलेब कर सकते हैं। रग्बी इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। भारत रग्बी में न्यूजीलैंड से सीखना चाहता है। हमें कोच चाहिए, एक्सपर्ट चाहिए। न्यूजीलैंड हमारी बहुत मदद कर सकता है।

भारत और न्यूजीलैंड का भविष्य जुड़ा है। स्पेस से सेक्टर इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। भारत का चंद्रयान जब मून के साउथ पोल पर लैंड किया तो न्यूजीलैंड नाच रहा था। उस दिन हमें गर्व हुआ। यहां की स्पेस कंपनियों ने कई बार हमारे साथ मिलकर काम किया है। स्पेस सेक्टर बताने कि लिए काफी है कि दोनों देश एक दूसरे को कितना कुछ दे सकते हैं।

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