चुकुम गांव में कोसी नदी ने फिर से ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ा दी है। पहली बारिश में ही नदी से गांव की सुरक्षा के लिए बनाया गया अस्थायी अवरोधक डायवर्जन बंधा टूट गया। ऐसे में कोसी नदी का रुख गांव की ओर होने से ग्रामीण सहमे हैं।
रामनगर से 22 किलोमीटर दूर चुकुम गांव कोसी नदी से लगा हुआ है। हर साल यहां कोसी नदी बरसात में नुकसान पहुंचाती है। कभी ग्रामीणों के आशियाने बह जाते हैं कभी खेती की जमीन नदी में समा जाती है। पिछले साल सिचाई विभाग ने गांव के शेष हिस्से की सुरक्षा के लिए 450 मीटर लंबा अस्थायी अवरोधक बांध बनाया था।
50 मीटर डायवर्जन बंधा टूटा
बरसात में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने पर एक जगह पर करीब 50 मीटर डायवर्जन बंधा टूट गया। इससे कोसी नदी का पानी गांव की ओर आ गया। नदी का पानी गांव की सीमा पर बहने लगा।खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने रात जागकर काटी। उन्हें रात में कभी भी कोसी नदी में पानी बढ़ने का डर सता रहा था। चुकुम गांव के राकेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को दिन का नदी का जलस्तर कम हुआ है। पहाड़ों में रात में बारिश का पानी अभी चुकुम नहीं पहुंचा है। चुकुम गांव का वन क्षेत्र से होकर जाने वाला वैकल्पिक मार्ग खराब हालत में है।
इस बार भी शुरू हुई राफ्ट की सुविधा
रामनगर: प्रशासन हर साल चुकुम गांव में बरसात में कोसी नदी में पानी बढ़ने पर राफ्ट की व्यवस्था करता है। गुरुवार को ही प्रशासन ने निजी राफ्ट की व्यवस्था कर दी थी। शुक्रवार से ग्रामीणों के लिए राफ्ट शुरूकी गई। ग्रामीणों ने राफ्ट से ही नदी पार कर गांव में आवाजाही की। स्कूल के बच्चे भी राफ्ट से नदी पार करेंगे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

