मॉनसून की पहली तेज बारिश तपती गर्मी से राहत तो दे गई लेकिन नोएडा विकास प्राधिकरण की अधूरी तैयारियों ने चारों ओर कीचड़ और जलभराव का नजारा दिखा दिया। ध्वस्त ड्रेनेज सिस्टम ने ‘हाईटेक’ नोएडा की असली तस्वीर सामने ला दी। मंगलवार और बुधवार को हुई भारी बारिश में महज चार घंटे में 30 मिमी पानी गिरा, जिससे पॉश सेक्टरों समेत पूरा शहर जलमग्न हो गया। सेक्टर-62, 104, 107, 108, 116, 122, 31, फिल्म सिटी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई इलाकों में सड़कें तालाब बन गईं। इस बीच राइडिंग वाले एप्प पर भी अधिक दाम वसूले जा रहे हैं।
नालों की सफाई पर हुए खर्चे का क्या?
लो-लाइंग एरिया में गाड़ियां आधे तक डूब गईं, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। नोएडा के सेक्टर 116 में ट्रांसफार्मर के आसपास जलभराव से पिछले कई घंटे से बिजली गुल रही। कई अन्य जगहों पर भी बिजली सप्लाई बाधित रही और पानी से भरे नालों का गंदा पानी घरों तक पहुंचने की भी शिकायतें आ रही हैं। नोएडा प्राधिकरण के दावों के विपरीत ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हुआ। बारिश की आहट से पहले ही नालों की सफाई आदि का सारा दावा और उन पर खर्च किए गए रुपयों का अब को जवाबदेह नहीं मिल रहा है।
दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद पड़े
नोएडा महामाया अंडर पास से गुजर रही एक गाड़ी के सायलेंसर में पानी चला गया। ऐसा ही नजारा नामी शहर के अन्य सेक्टरों में भी देखने को मिल रहा है। आलम यह है कि गुरुवार की भारी बारिश ने सेक्टर-16, यानी फिल्म सिटी इलाके की रफ्तार थाम दी है। बीते 24 घंटे में 151.5 एमएम से अधिक बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। हर बार की तरह नोएडा के बरौला गांव, खोड़ा, लेबर चौक, सेक्टर 38 ए, सेक्टर-62 और सेक्टर-63 में सड़कों पर हुए जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ाई।
तैरते दिखे वाहन
सड़कों पर जलभराव के कारण दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों की सड़कें पानी में डूबी नजर आईं, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गई। लोगों को दफ्तर पहुंचने में देर हुई। वहीं, सेक्टर-18 की ओर जाने वाली सड़क भारी जलभराव की वजह से पूरी तरह डूब गई है। दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद पड़ गईं। सेक्टर 108 में सेंट्रल पार्क के बाहर 24 मीटर रोड पर भी जलभराव हो गया।
प्राधिकरण ने लोगों को किया बेबस
हालांकि, इस भारी बारिश के दौरान नोएडा के सेक्टर 94 में स्थित ऊंची इमारत ‘सुपरनोवा, स्पिरा टॉवर’ के ऊपरी हिस्से को घने, काले बादलों का घेरा देखा गया। इधर 48 घंटे की लगातार बारिश ने सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी सोसायटी के बाहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया है। उधर, मौसम की इस करवट से जहां लोगों को राहत मिल रही है वहीं, प्राधिकरण की अपर्याप्त कार्ययोजनाओं के चलते स्थानीय लोग बेबस से हो गए हैं।
आने वाले दिनों में क्या होगा?
यही नहीं हाइटेक सिटी में शुमार नोएडा के थाना सेक्टर-58 क्षेत्र के सेक्टर 62 स्थित आई-फोर्ट इमारत का ऊपरी हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। भारी बारिश में गिरे मबले से नीचे खड़ी कई गाड़ियों क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं नहीं है।
नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की खराब प्लानिंग व लचर कार्यशैली की वजह से पानी निकासी एक बड़ी मुसीबत बन गई है। ऐसे में जब यह मॉनसून की शुरुआत ही है तो आने वाले समय में क्या होगा, बड़ी चिंता का विषय है।
कब खत्म होगा जलभराव का सिलसिला?
पॉश सोसाइटियों और मॉल्स वाले इलाकों में भी जलभराव देखकर लोग हैरान हैं। कई जगहों पर दीवारें गिरने और सड़क धंसने की खबरें भी आईं। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन येलो अलर्ट जारी रखा है। स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन निवासियों का कहना है कि हर बारिश में यही हालात दोहराए जाते हैं। नोएडा प्राधिकरण पर विकास की आड़ में लापरवाही का आरोप लग रहा है। ऐसे में प्राधिकरण से लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक चलेगा यह जलभराव का सिलसिला?

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

