उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के कथित निंदनीय बयान के विरोध में युवाओं ने निरीक्षण भवन पहुंचकर घेराव किया। इस दौरान युवाओं ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनसे बलिया जनपद के लोगों से माफी मांगने की मांग की।
इस बाबत आरोप है कि सात माह पहले बांसडीह में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान बयान दिया था कि बलिया के लोग अंग्रेजों के दलाल बहुत थे और दलाली का सिस्टम अभी भी चल रहा है। इसी से नाराज युवाओं ने उनका घेराव किया।
जैनेंद्र पांडेय मिंटू, रूपेश चौबे, सागर सिंह राहुल, अनुराग पटेल, अभिजीत तिवारी सत्यम, हार्दिक पांडेय, किशन पांडेय और राहुल पांडेय समेत अन्य युवाओं ने ”संजय निषाद वापस जाओ”, ”संजय निषाद माफी मांगो” और ”मुर्दाबाद” के नारे लगाए। युवाओं ने कहा कि बलिया का इतिहास गौरवशाली रहा है।
इस धरती ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राजनीति, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में देश को कई महान विभूतियां दी हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि भृगु की तपोभूमि से लेकर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मंगल पांडेय के योगदान और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में चित्तू पांडेय की भूमिका तक बलिया का नाम देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
उन्होंने कहा कि बलिया के गौरव में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र, आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी और अन्य साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। युवाओं ने आरोप लगाया कि मंत्री का बयान बलिया के गौरव और इतिहास के विपरीत है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मंत्री अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए बलिया के नागरिकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

