सावन माह में काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन स्थगित, सभी को लगनी होगी लाइन
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रावण मास 2026 के दौरान प्रोटोकॉल और विशेष दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 30 जुलाई से 28 अगस्त तक लागू रहेगी। न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण ने इस संबंध में एक पत्र जारी कर बताया कि श्रावण में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। ऐसे में सामान्य दर्शन में ही 6 से 7 घंटे की प्रतीक्षा हो सकती है। यदि प्रोटोकॉल दर्शन की अनुमति दी गई, तो आम श्रद्धालुओं की दिक्कतें और बढ़ जाएंगी।
श्रावण माह में भक्तों की भारी भीड़, गर्मी और उमस को देखते हुए बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है। मंदिर न्यास ने पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों को सूचित करते हुए आदेश जारी किया है कि इस अवधि में किसी भी श्रेणी को विशेष दर्शन की सुविधा न दी जाए, ताकि आम भक्तों के दर्शन व्यवस्था सुचारु और सुरक्षित तरीके से पवित्र श्रावण माह पूर्ण हो सके।
इस निर्णय से श्रद्धालुओं को सामान्य दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ेगा, लेकिन यह कदम भक्तों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है। न्यास ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अवधि में किसी भी प्रकार की विशेष व्यवस्था नहीं की जाएगी, जिससे सभी भक्तों को समान अवसर मिल सके।
श्रावण मास में काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होती है। ऐसे में यह निर्णय आवश्यक था ताकि सभी भक्तों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन का लाभ मिल सके। मंदिर न्यास का यह कदम श्रद्धालुओं की भलाई के लिए उठाया गया है, जिससे उन्हें दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रावण माह के दौरान प्रोटोकॉल दर्शन को स्थगित करने का निर्णय लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह निर्णय न केवल भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखता है, बल्कि दर्शन के अनुभव को भी बेहतर बनाने का प्रयास है। सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे इस अवधि में सामान्य दर्शन के लिए धैर्यपूर्वक कतार में खड़े रहें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

