लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में फरार दूसरा शूटर भी गिरफ्तार, एक लाख रुपये घोषित किया गया था इनाम

1136 Shares

 राजधानी में रायबरेली रोड पर कल्ली पश्चिम में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या में वांछित दूसरे शूटर सचिन कुमार को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। एक लाख का इनामी बदमाश भी अंबेडकरनगर का है।

संदीप सिंह की हत्या में इससे पहले एसटीएफ ने बीती 27 जून को अंबेडकरनगर के ही बदमाश संजय उर्फ संजीव को लखनऊ में मुठभेड़ में ढेर किया था। उस पर भी लखनऊ पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम रखा था।

प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या के मामले में फरार सचिन कुमार को बुधवार रात यूपी एसटीएफ और पीजीआई पुलिस टीम ने पकड़ा। सचिन पर एक लाख का इनाम घोषित था। सचिन को किसान पथ ओवरब्रिज के नीचे डलौना के पास से पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली गई है।

प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या के मामले में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी सचिन कुमार को एसटीएफ ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के पास से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल, तीन कारतूस, घटना में इस्तेमाल हुई बाइक व नकदी की बरामद।

एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित सचिन अंबेडकरनगर के टांडा के मुबारकपुर गांव का रहने वाला है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि हत्या के समय वह बाइक चला रहा था, जबकि उसके साथी संजय उर्फ संजीव ने प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह पर गोलियां बरसाई थीं। उन्होंने बताया कि संदीप सिंह की हत्या की साजिश रंजिश के कारण कराई गई।

प्रॉपर्टी डीलिंग करने वाला मुख्य साजिशकर्ता दिनेश यादव संदीप सिंह को रास्ते से हटाना चाहता था। दिनेश के ड्राइवर मुकर्रबीन ने उसकी मुलाकात गंगाराम यादव से कराई, जिसके संपर्क में कई शातिर अपराधी थे। गंगाराम ने ही दिनेश की मुलाकात शूटर संजय और सचिन से कराई।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि दिनेश यादव ने हत्या के लिए संजय को एक लाख रुपये एडवांस दिए थे और बाकी रकम बाद में देने का वादा किया था। अयोध्या के हिस्ट्रीशीटर दिलीप वर्मा ने हत्या के लिए असलहे उपलब्ध कराए थे।

हत्या से पहले आरोपित कई बार लखनऊ आए और संदीप सिंह के घर, कार्यालय, गाड़ियों और आने-जाने के रास्तों की रेकी की। आरोपितों ने अमीनाबाद से एक सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल खरीदी थी, जिसकी नंबर प्लेट पहले ही हटा दी गई थी। 27 मई को दोनों दीनदयाल पार्क के पास से संदीप सिंह की कार का पीछा करते हुए उनके कार्यालय पहुंचे।

इसके बाद संदीप जैसे ही कार से उतरे, संजय ने उनके सीने और सिर में तीन गोलियां दाग दीं। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सचिन अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, आजमगढ़ और मुंबई में छिपता फिर रहा था।

उसने बताया कि साथी संजय के 27 जून को पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद वह काफी डर गया था और अदालत में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहा था। इसी सिलसिले में वह वकील की तलाश में लखनऊ आया था, जहां एसटीएफ ने उसे दबोच लिया।

कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी

वारदात के बाद सचिन अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, आजमगढ़ और मुंबई समेत कई स्थानों पर छिपता रहा। उसने पुलिस को बताया कि संजय की मुठभेड़ में मौत की खबर मिलने के बाद वह काफी डर गया था और कोर्ट में सरेंडर की तैयारी कर रहा था। बुधवार को भी वह इसी सिलसिले में वकील से मिलने लखनऊ आया था, जहां गिरफ्तार कर लिया गया।

बरामद हुई पिस्टल

पूछताछ के दौरान सचिन ने हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कराई। उसने बताया कि वारदात के बाद पुलिस की सख्ती बढ़ने के डर से संजय ने पिस्टल को पन्नी में लपेटकर देवी सिंह खेड़ा गांव के पास सड़क किनारे गड्ढा खोदकर छिपा दिया था। एसटीएफ ने आरोपी की निशानदेही पर हथियार बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी को पीजीआई थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में दाखिल कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह था मामला

जौनपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की 27 मई 2026 को रायबरेली रोड स्थित कल्ली पश्चिम में उनके कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद थाना पीजीआइ में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान एसटीएफ ने 31 मई को मुख्य साजिशकर्ता समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जबकि शूटरों की व्यवस्था कराने वाले गंगाराम यादव को 15 जून को पकड़ा गया। मुख्य शूटर संजय उर्फ संजीव 27 जून को पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। अब सचिन की गिरफ्तारी के साथ इस चर्चित हत्याकांड की पूरी साजिश का राजफाश हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *