योगिनी एकादशी 2026: लड्डू गोपाल का करें विशेष ‘मोहिनी श्रृंगार’, आसान है संपूर्ण विधि

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 योगिनी एकादशी का व्रत भगवान विष्णु के लिए रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्‍णु के अवतार श्री कृष्‍ण के 12 स्‍वरूपों का स्‍मरण करना बहुत ही लाभकारी होता है। जिन घरों में लड्डू गोपाल की सेवा की जाती है, वहां इस दिन उनका विशेष श्रूंगार किया जाता है। यह श्रृंगार भी श्रीकृष्‍ण के 12 स्‍वरूपों में से एक होता है। यदि आपके घर पर भी लड्डू गोपाल विराजमान हैं, तो इस योगिनी एकादशी आप उनका ‘मोहिनी श्रृंगार’ कर सकती हैं। श्रृंगार भगवान के प्रति प्रेम, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

यदि आप भी योगिनी एकादशी के अवसर पर घर में लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार करना चाहते हैं, तो कुछ आसान चरणों का पालन करके यह पूजा संपन्न कर सकते हैं।

दिव्‍य स्‍नान से करें शुरुआत

श्रृंगार की शुरुआत लड्डू गोपाल के अभिषेक से करें। पहले उन्हें गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद पंचामृत , दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें। आखिर में साफ पानी से लड्डू गोपाल को स्‍नान कराएं और फिर मुलायम कपड़े से उन्‍हें पोछ लें।

ऐसे करें मोहिनी श्रृंगार

  • मोहिनी श्रृंगार का अर्थ है कि ऐसा स्‍वरूप जो मन मोह ले। इस स्‍वरूप के लिए भगवान को चमकीले वस्‍त्र पहनाएं। आप सुनहरे रंग के वस्‍त्र का चुनाव कर सकते हैं।
  • आभूषणों में कंगन, झुमके, चोकर हार, कमरबंद जनेऊ , पैरों में पायल के साथ-साथ लड्डूगोपाल के सिर पर चांदनी भी लगाएं। इससे उनका श्रृंगार अद्भुद लगेगा।
  • मोर मुकुट के साथ-साथ लड्डू गोपाल को मोगरे के फूल की माला पहनाएं। यह फूल उन्‍हें अति प्रिय है।
  • मोहिनी श्रृंगार के लिए भगवान के नाक में नथ और माथे पर बड़ा तिलक भी जरूर लगाएं। उनकी भौहों बिंदियों से सजाएं।
  • सबसे आखिर में लड्डू गोपाल के नजर का टीका जरूर लगाएं, क्‍योंकि उनके इस स्‍वरूप को देखकर आपकी नजर उन्‍हीं पर टिक जाएंगी।

तुलसी दल और भोग अर्पित करें

भगवान श्रीकृष्ण की पूजा और श्रृंगार तुलसी दल के बिना अधूरी मानी जाती है। इसलिए श्रृंगार के बाद उन्‍हें तुलसी दल अर्पित करें। भोग में माखन-मिश्री, पंचामृत, फल, पेड़ा, खीर या घर में बने सात्विक भोजन को अर्पित किए जा सकते हैं।

आरती और मंत्र जाप से करें पूजा पूर्ण

श्रृंगार और भोग के बाद घी का दीपक जलाकर लड्डू गोपाल की आरती करें। इस दौरान विष्णु और श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप भी करें।

अत: मोहिनी श्रृंगार करते समय साफ-सफाई और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें। भगवान केवल आपके प्रेम के भूखें हैं, इसलिए श्रृंगार के वक्‍त प्रेम भाव रखें।

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