बिहार के युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना में स्थापित आर्यभट्ट स्पेस क्लब ऑफ बिहार के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को एक साझा मंच पर लाने का अभियान तेज कर दिया गया है।
इसी क्रम में आयोजित राज्यस्तरीय संवादात्मक सत्र में मगध विश्वविद्यालय ने सक्रिय भागीदारी करते हुए क्लब की गतिविधियों को अपने अधीनस्थ महाविद्यालयों और विद्यार्थियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अर्थ ऑब्जर्वेशन एवं जीआईएस, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), न्यू स्पेस मैन्युफैक्चरिंग, नवाचार, स्टार्टअप्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार रखे।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि भविष्य अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उभरती वैज्ञानिक तकनीकों का है, इसलिए युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता पूर्व डिप्टी चीफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) लेफ्टिनेंट जनरल पी. जे. एस. पन्नू ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। भारत को वैश्विक नेतृत्व दिलाने के लिए युवाओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान क्षमता विकसित करना जरूरी है।
मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी ने आर्यभट्ट स्पेस क्लब की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह बिहार में वैज्ञानिक चेतना, अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को मजबूत करने वाला दूरदर्शी कदम है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस अभियान को अपने सभी संबद्ध महाविद्यालयों और विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए पूर्ण सहयोग देगा। साथ ही अंतरिक्ष विज्ञान, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उद्यमिता के क्षेत्र में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

