हरियाणा में गुरुजी के लिए जनगणना के तहत बांटे गए खंडों का नजरी नक्शा बनाना तक दूभर हो रहा है, जिस कारण उम्मीद से भी कम हाउस लिस्टिंग ब्लाक क्रिएटर वेब मैपिंग हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि नजर नक्शा पर काम चल रहा है लेकिन एचएलओ एप पर सिंक अपलोड न होने से पोर्टल पर आंकड़े कम दिखाई दे रहे हैं।
जब तक जनगणना की तमाम प्रक्रिया पूरी न कर पोर्टल पर अपलोड नहीं की जाती है तब उसे फाइनल नहीं माना जा सकता। शुक्रवार शाम तक के ताजे आंकड़े के अनुसार प्रदेश में कुल 39.3 प्रतिशत खंडों में ही हाउस लिस्टिंग ब्लाक क्रिएटर वेब मैपिंग हो पाई है। जबकि 61 प्रतिशत खंडों में डाटा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है।
बता दें कि प्रदेश में जनगणना के तहत 22 जिलों में 52,193 खंडों में बांटा गया है। जिनमें 20471 खंडों में हाउस लिस्टिंग ब्लाक क्रिएटर वेब मैपिंग का काम चल रहा है। केवल 59 खंडों में पोर्टल पर तमाम प्रक्रिया को पूरी की गई है। 31,663 खंड ऐसे हैं, जहां पर काम तक शुरू नहीं हुआ है।
जनगणना 2027 के लिए एक और नवाचार एचएलबी क्रिएटर वेब मैपिंग एप्लिकेशन है जिसका उपयोग प्रभार अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। इसमें खंड का नजरी नक्शा तैयार किया जाता है। जिसके बाद संबंधित सुपरवाइजर हस्ताक्षर कर उसे चार्ज आफिसर की टेबल पर पेश करता है। प्रमाणित करने के बाद उसे सीएमएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इसके बाद डोर-टू-डोर सर्वे कर जानकारियों का एचएलओ एप पर सिंक अपलोड कर दिया जाता है।
काम न करने वाले गुरुजी पर गिरेगी गाज
सरकार ने सख्त आदेश दिए हैं कि जनगणना के तहत काम न करने वाले गुरुजी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए डीईईओ व डीईओ को कहा गया है कि वे स्टेट्स रिपोर्ट लेकर काम न करने वाले गुरुजी पर सख्त कदम उठाएं। कारण यह है कि जनगणना की तमाम प्रक्रियाएं गुरुजी कर रहे हैं।


