बाबाधाम व बासुकीनाथ जाने वाले कांवरियों के लिए सज रहे भागलपुर के गंगा घाट, जायजा लेने जमीन पर उतरीं DM अलंकृता पांडेय

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आगामी श्रावण मास और श्रावणी मेला-2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी क्रम में रविवार को भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय ने वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव और विभिन्न विभागों के आलाधिकारियों के साथ बाबूपुर घाट से लेकर बूढ़ानाथ एवं भूतनाथ मंदिर तक व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गंगा घाटों, शिवालयों, श्रद्धालुओं के आवागमन मार्गों तथा मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का कड़ा निर्देश दिया।

प्रमुख गंगा घाटों की सुरक्षा और व्यवस्था का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एसएम कॉलेज घाट, बूढ़ानाथ घाट, बरारी घाट और भूतनाथ घाट सहित जिले के प्रमुख गंगा घाटों का सघन भ्रमण किया। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं का बारीकी से निरीक्षण किया:

  • घाटों की सफाई और सीढ़ियों की स्थिति: श्रद्धालुओं को फिसलन या गंदगी का सामना न करना पड़े।

  • मूलभूत सुविधाएं: पर्याप्त रोशनी (प्रकाश व्यवस्था), पेयजल, सुलभ शौचालय और नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) की स्थापना।

  • सुरक्षा व आपदा प्रबंधन: घाटों पर मजबूत बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती और आपातकालीन सहायता व्यवस्था।

    श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: डीएम

    जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने कहा कि श्रावण मास में भागलपुर के विभिन्न गंगा घाटों से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बासुकीनाथ और बाबा बैद्यनाथ धाम सहित विभिन्न शिवधामों के लिए रवाना होते हैं। इसके साथ ही, स्थानीय बूढ़ानाथ और भूतनाथ समेत जिले के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने निर्देश दिया कि:

    • श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त रखा जाए।

    • जिन सड़कों या रास्तों में गड्ढे हैं, वहाँ तुरंत मरम्मत और समतलीकरण का कार्य पूरा किया जाए।

    • संवेदनशील घाटों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी (मैजिस्ट्रेट) और गोताखोरों की तैनाती चौबीसों घंटे सुनिश्चित हो।

    आपसी समन्वय से युद्धस्तर पर काम करने की हिदायत

    डीएम ने नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत, पेयजल, आपदा प्रबंधन और पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करने को कहा है, ताकि अंतिम समय में कोई अव्यवस्था न हो।

    इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) विकास कुमार सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रशासन ने दावा किया है कि श्रावणी मेले में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सभी तैयारियां युद्धस्तर पर पूरी की जा रही हैं।

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