सिंचाई लागत को कम करने और अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा दे रहा है। योजना में 90 प्रतिशत तक अनुदान का प्रविधान है।
सात वर्ष पूर्व योजना का लाभ ले चुके किसान फिर से बिहार कृषि एप या विभाग की वेबसाइट के माध्यम से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म) के तहत दो तरह की सिंचाई शामिल है, जिसमें पहला सूक्ष्म सिंचाई पद्धति यानी टपकन या ड्रिप सिंचाई, मिनी या माइक्रो स्प्रिंकलर तथा पोर्टेबल स्प्रिंकलर से सिंचाई की योजना है।
योजना के तहत किसानों को विभिन्न श्रेणियों के अनुसार अनुदान दिया जाता है। अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
ड्रिप सिंचाई पद्धति के अंतर्गत अनुदान की सीमा न्यूनतम 0.5 एकड़ तथा अधिकतम 12.5 एकड़ और पोर्टेबल स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति के अंतर्गत न्यूनतम एक एकड़ तथा अधिकतम पांच एकड़ तक के लिए अनुदान मिलेगा।
वहीं, इस योजना का पूर्व में लाभ ले चुके किसानों को 7 वर्षों के बाद ही पुनः लाभ मिलेगा। छोटे किसान समूह में भी योजना का लाभ ले सकते हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

